करैरा में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोलदूमधना की आदिवासी महिलाएं बोलीं,शराब से घर की कमाई हो रही बर्बाद:नशे में मारपीट और विवाद

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी गांव में कथित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ मंगलवार को दूमधना गांव की आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालय तक दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण करैरा एसडीएम कार्यालय पहुंचे और गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए गांव में दो स्थानों पर कथित रूप से अवैध शराब बेचे जाने की शिकायत की और पुलिस तथा आबकारी विभाग से तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की।

महिलाओं का कहना था कि गांव में शराब की बिक्री का असर केवल शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर परिवारों की आर्थिक स्थिति और घरेलू माहौल पर पड़ रहा है। मजदूरी करके दिनभर मेहनत करने वाले परिवारों के पुरुष यदि अपनी कमाई का हिस्सा शराब में खर्च करते हैं तो घर चलाना मुश्किल हो जाता है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब के नशे के बाद कई घरों में विवाद और मारपीट की स्थिति बनती है।

‘दिनभर मेहनत, शाम को शराब में उड़ जाती कमाई’
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि गरीब और मजदूर परिवारों के लिए एक-एक रुपए की अहमियत होती है। परिवार का सदस्य दिनभर मजदूरी करने के बाद जब घर लौटता है, तो उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च हो जाने से घर का बजट बिगड़ जाता है।

महिलाओं का आरोप है कि कथित अवैध शराब बिक्री के कारण गांव में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। उनका कहना है कि यदि शराब की बिक्री पर रोक लगे तो कई परिवारों में आर्थिक परेशानी कम हो सकती है और घरेलू विवादों की स्थिति भी सुधर सकती है।

हालांकि शराब बिक्री को लेकर लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक या आबकारी जांच अभी सामने आना बाकी है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

नशे के बाद विवाद और मारपीट का आरोप

महिलाओं ने प्रशासन के सामने अपनी सबसे बड़ी चिंता घरेलू विवाद को लेकर रखी। उनका कहना है कि शराब के नशे में घर पहुंचने के बाद कई बार परिवार के सदस्यों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में विवाद बढ़कर मारपीट तक पहुंच जाता है।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि शराब की वजह से परिवारों में तनाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। घर की आमदनी सीमित होने के बावजूद शराब पर पैसा खर्च होने से बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरी खर्च प्रभावित होने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की।

स्कूल जाने वाले रास्ते पर जमावड़े का भी आरोप

ग्रामीणों ने केवल शराब बिक्री ही नहीं, बल्कि शराब पीने वालों के कथित जमावड़े को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि गांव के उस रास्ते पर भी शराब पीने वालों का जमावड़ा रहता है, जहां से स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं।

महिलाओं के अनुसार दिन के समय भी कुछ लोग वहां बैठकर शराब पीते हैं और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हैं। इससे बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और युवतियों को भी रास्ते से निकलने में असहजता महसूस होती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल जाने वाले रास्ते और गांव में सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए। यदि कहीं सार्वजनिक रूप से शराब पीने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने जैसी स्थिति मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

दो स्थानों पर कथित बिक्री, जांच की मांग

ज्ञापन में ग्रामीणों ने गांव में दो स्थानों पर कथित रूप से अवैध शराब बिक्री होने की शिकायत की है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचे, दोनों स्थानों की जांच करे और यदि बिना वैध अनुमति शराब की बिक्री पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

महिलाओं का कहना है कि केवल शिकायत दर्ज कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति देखनी चाहिए और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।

एसडीएम को ज्ञापन, कार्रवाई की उम्मीद

दूमधना से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी शिकायत एसडीएम के सामने रखी और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव में शांति और सुरक्षित माहौल चाहते हैं। उनका आरोप है कि अवैध शराब की कथित बिक्री के चलते गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।

महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और आबकारी विभाग को जांच के लिए भेजा जाए। साथ ही यदि शराब बिक्री की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए।

महिलाओं का सवाल—आखिर कब बंद होगी शराब की बिक्री?

दूमधना की महिलाओं के प्रदर्शन ने गांव में शराब बिक्री को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में अवैध रूप से शराब बिक रही है तो इसकी जांच कर कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल महिलाओं ने अपनी शिकायत प्रशासन के सामने रख दी है और अब उनकी नजर पुलिस एवं आबकारी विभाग की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि अवैध शराब बिक्री की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल बंद कराया जाए।

दूमधना में मंगलवार को हुआ महिलाओं का यह प्रदर्शन महज शराब बिक्री की शिकायत नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति, घरेलू विवाद और बच्चों के सुरक्षित माहौल से जुड़ी चिंता के रूप में सामने आया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर कितनी तेजी से जांच करता है और जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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