खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर बैराड़ थाना पुलिस ने ग्राम डाबरपुरा में कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर हाथ भट्टी से कच्ची शराब तैयार कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से करीब 150 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अनिल बेड़िया पुत्र गोपाल बेड़िया, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम डाबरपुरा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 350/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक 7 अगस्त 2026 की रात बैराड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम डाबरपुरा में अनिल बेड़िया अपने मकान के सामने जमीन पर चूल्हा बनाकर शराब तैयार कर रहा है। सूचना में बताया गया था कि चूल्हे के ऊपर ड्रम में गुड़ का लहान भरकर हाथ भट्टी की कच्ची शराब उतारी जा रही है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वरिष्ठ
अधिकारियों को अवगत कराया और मौके पर दबिश देने के लिए पुलिस बल रवाना किया। टीम ने ग्राम डाबरपुरा पहुंचकर बताए गए स्थान पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मौके पर शराब निर्माण की प्रक्रिया चलती हुई मिली।
चूल्हे पर जल रही थीं लकड़ियां, ड्रम से निकल रही थी शराब
पुलिस ने बताया कि आरोपी के मकान के सामने बने चबूतरे के नीचे हाथ भट्टी की कच्ची शराब का उत्पादन किया जा रहा था। मौके पर चूल्हे में लकड़ियां जलती हुई मिलीं। चूल्हे के ऊपर लोहे का ड्रम रखा हुआ था और उसके ऊपर एक बड़ा पतीला लगा था, जिसमें गर्म पानी भरा हुआ था।
पुलिस के अनुसार ड्रम के बीच में प्लास्टिक की लेजम लगी थी, जिसका दूसरा सिरा स्टील की तमेड़ी में डाला गया था। इसी व्यवस्था के माध्यम से हाथ भट्टी की कच्ची शराब एकत्रित की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम अनिल बेड़िया बताया।
नीले ड्रम में मिली 150 लीटर कच्ची शराब
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर रखे एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम को खोलकर देखा। पुलिस के अनुसार ड्रम में करीब 150 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब भरी हुई थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस ने शराब को पंचों के समक्ष विधिवत जब्त किया। इसके साथ ही शराब तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों को भी जब्ती में लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर चल रही कथित शराब निर्माण की प्रक्रिया को बंद कराया गया।
शराब बनाने का पूरा सेटअप जब्त
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान केवल तैयार शराब ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी बरामद किए गए। जब्त सामग्री में एक नीले रंग का प्लास्टिक ड्रम, 1000 एमएल का माप, एक लोहे का काला ड्रम, एक सिल्वर कलर का बड़ा पतीला और एक स्टील की तमेड़ी शामिल है।
पुलिस ने जब्त शराब और उत्पादन उपकरणों की कुल कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई है। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
जीरो टॉलरेंस के निर्देश
पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने जिले में अवैध शराब और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.डी. प्रजापति और एसडीओपी पोहरी श्री आनंद राय के मार्गदर्शन में बैराड़ पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा गया है, ताकि ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश शर्मा, उपनिरीक्षक सत्येन्द्र सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक सोबरन सिंह सिसोदिया, प्रधान आरक्षक 947 इकबाल अहमद, आरक्षक 875 ज्ञान सिंह, आरक्षक 1157 देवेन्द्र राठौर, आरक्षक 583 शोभाराम मीणा, आरक्षक 116 संदीप राठौर, आरक्षक 817 रविन्द्र धाकड़, महिला आरक्षक 553 निशा गौड़ और चालक आरक्षक 72 मनीष परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैराड़ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब बनाने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रखी जाएगी।