युवक की दो दिन बाद गहलोनी के पास नदी किनारे तलाश के दौरान शव बरामद किया गया।
खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद नदी-नालों में बढ़ा जलस्तर और तेज बहाव अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। सिरसौद थाना क्षेत्र के सिकराऊदा गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रपटा पार करते समय नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर 21 वर्षीय युवक बह गया। हादसे के बाद पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने लगातार दो दिन तक युवक की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। रविवार सुबह नदी का जलस्तर कम होने के बाद गहलोनी के पास नदी किनारे युवक का शव बरामद हुआ।
मृतक की पहचान राम पुत्र राजू रावत, उम्र 21 वर्ष के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रपटा पार करते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर राम सिकराऊदा गांव में नदी पर बने रपटा को पार कर रहा था। बारिश के चलते नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान अचानक वह तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी में बह गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि उसे पकड़ना संभव नहीं हो सका। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कराई गई।
पुलिस और एसडीईआरएफ ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
युवक के नदी में बहने की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने एसडीईआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाकर युवक को तलाशने का प्रयास किया।
शुक्रवार को घटना के बाद तलाश शुरू की गई। इसके बाद शनिवार सुबह से एसडीईआरएफ की टीम ने नदी में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम के सदस्यों ने नदी के बहाव वाले हिस्सों के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी युवक की तलाश की।
तेज बहाव और नदी में बढ़े जलस्तर के कारण रेस्क्यू टीम को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शनिवार देर शाम तक तलाश जारी रही, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
मौके पर पहुंचे पोहरी विधायक
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल की जानकारी ली और युवक की तलाश में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
परिजन और ग्रामीण भी लगातार नदी के आसपास मौजूद रहे और युवक के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन शनिवार देर शाम तक तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिल सकी।
जलस्तर कम हुआ तो नदी किनारे नजर आया शव
रविवार सुबह नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ। इसी दौरान गहलोनी के पास नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों की नजर एक शव पर पड़ी। शव देखकर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही सिरसौद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नदी किनारे से बाहर निकलवाया और उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। बाद में शव की पहचान सिकराऊदा गांव निवासी राम रावत के रूप में हुई।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शव मिला, वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। आशंका है कि नदी के तेज बहाव में बहने के बाद युवक पानी के साथ काफी दूर तक चला गया।
दो दिन की तलाश के बाद खत्म हुआ इंतजार
राम के नदी में बहने के बाद उसके परिजन और ग्रामीण पिछले दो दिनों से उसकी तलाश और सकुशल मिलने की उम्मीद में थे। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन शनिवार तक कोई सफलता नहीं मिली थी।
रविवार को शव मिलने के बाद परिवार की उम्मीद पूरी तरह टूट गई। युवक की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
सिरसौद थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बारिश में बढ़ जाता है नदी-नालों का खतरा
इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में नदी और रपटों को पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने के साथ बहाव भी काफी तेज हो जाता है। ऐसे में रपटा या पुलिया पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
सिकराऊदा की घटना में भी युवक उस समय नदी पार कर रहा था, जब पानी का बहाव तेज था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। दो दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उसका शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गहलोनी के पास मिला।
बारिश के मौसम में प्रशासन द्वारा भी लोगों से नदी, नाले और रपटों के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूर रहने की अपील की जाती है। इसके बावजूद कई बार लोग जोखिम उठाकर नदी या रपटा पार करने का प्रयास करते हैं। सिकराऊदा की यह घटना लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि तेज बहाव के दौरान नदी या रपटा पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।