खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में बीते चार दिनों से जारी झमाझम बारिश ने पूरे शिवपुरी के जलस्रोतों की तस्वीर बदल दी है। लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से आ रही पानी की आवक के चलते नदियों, नालों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सबसे बड़ा असर सिंध परियोजना के अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम पर दिखाई दे रहा है, जो अब अपनी कुल जलभराव क्षमता के 92.14 प्रतिशत तक भर चुका है। डैम में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए चार गेट खोलकर पानी की निकासी जारी रखी गई है।
जिले में 3 सितंबर को औसत बारिश का आंकड़ा
701.52 मिमी था, जो 6 सितंबर तक बढ़कर 870.53 मिमी पहुंच गया। यानी महज चार दिनों में जिले में औसतन 169.01 मिमी यानी करीब 6.65 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों और ग्रामीणों को राहत मिली है, वहीं प्रशासन की नजर अब नदी-नालों और बांधों के बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई है।
सामान्य बारिश का आंकड़ा भी पार
भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शिवपुरी जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 816.3 मिमी है। इस सीजन में अब तक 870.53 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। यानी जिले में सामान्य वार्षिक औसत से ही 54.23 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है।
चार दिनों की बारिश ने जिले के कई क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ाया है। तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बदरवास में सबसे ज्यादा 951.50 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद पिछोर में 934 मिमी, शिवपुरी में 899.80 मिमी, करैरा में 895.10 मिमी, नरवर में 881 मिमी, बैराड़ में 878 मिमी, पोहरी में 859 मिमी, खनियाधाना में 788.50 मिमी और कोलारस में 747.90 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
मड़ीखेड़ा डैम में तेजी से बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश का सीधा असर मड़ीखेड़ा डैम पर पड़ा है। रविवार सुबह 8 बजे डैम का जलस्तर 345.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि डैम का पूर्ण भराव स्तर यानी FRL 346.25 मीटर है। इस लिहाज से डैम अब अपने अधिकतम जलस्तर के काफी करीब पहुंच चुका है।
डैम में वर्तमान में 769.19 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो इसकी कुल क्षमता का 92.14 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे के दौरान डैम में औसतन 1149.94 क्यूमेक्स पानी की आवक दर्ज की गई। पानी की इतनी तेज आवक के चलते डैम प्रबंधन द्वारा लगातार जलस्तर और इनफ्लो पर निगरानी रखी जा रही है।
चार गेट खोलकर पानी की निकासी
डैम में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से चार गेटों से पानी की निकासी की जा रही है। रविवार सुबह 7:30 बजे की स्थिति में गेट नंबर 5 और 6 को एक-एक मीटर, जबकि गेट नंबर 4 और 7 को 0.5-0.5 मीटर खोला गया था।
इसके अलावा पावर हाउस के माध्यम से 135.42 क्यूमेक्स पानी और उकायला की ओर 5 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा था। सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार डैम से कुल आउटफ्लो करीब 950.06 क्यूमेक्स दर्ज किया गया।
यानी एक ओर जहां बारिश और ऊपरी क्षेत्र से पानी की आवक डैम का जलस्तर बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर गेट खोलकर पानी की निकासी भी लगातार जारी है। आने वाले समय में बारिश और पानी की आवक की स्थिति के आधार पर गेटों की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है।
पिछले साल डैम ज्यादा भरा था
इस साल मड़ीखेड़ा डैम भले ही 92 प्रतिशत से अधिक भर चुका हो, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस समय डैम में पानी का स्तर अधिक था। 6 सितंबर 2025 को डैम का जलस्तर 345.90 मीटर दर्ज किया गया था और उसमें 810.56 एमसीएम, यानी 97.09 प्रतिशत पानी मौजूद था।
इस हिसाब से इस वर्ष पिछले साल की तुलना में डैम में करीब 41.37 एमसीएम कम पानी है। जलस्तर में भी पिछले साल की तुलना में अंतर दिखाई दे रहा है।
पिछले साल जिले में हुई थी रिकॉर्ड ज्यादा बारिश
जिले की बारिश के आंकड़ों में भी इस साल और पिछले साल के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। पिछले साल 6 सितंबर तक शिवपुरी जिले में औसत 1371.52 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी थी। वहीं इस साल इसी तारीख तक औसत बारिश 870.53 मिमी है।
यानी पिछले साल की तुलना में इस बार अभी तक जिले में करीब 500 मिमी कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले चार दिनों में जिस तेजी से बारिश का दौर चला है, उससे जलस्रोतों में पानी की आवक अचानक बढ़ी है।
करीब 1150 क्यूमेक्स की आवक पर नजर
मड़ीखेड़ा डैम में इस समय करीब 1150 क्यूमेक्स पानी की आवक बनी हुई है। यही वजह है कि डैम प्रबंधन के सामने जलस्तर को नियंत्रित रखने की चुनौती बनी हुई है। सिंध परियोजना क्षेत्र में पानी की आवक, डैम के जलस्तर और आउटफ्लो की लगातार निगरानी की जा रही है।
चार दिनों की बारिश ने शिवपुरी के सूखे पड़े जलस्रोतों में जान डाल दी है, लेकिन मड़ीखेड़ा डैम का तेजी से भरना प्रशासन के लिए सतर्क रहने का संकेत भी है। 345.30 मीटर जलस्तर और 92.14 प्रतिशत जलभराव के साथ डैम अब अपने पूर्ण भराव स्तर से ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में बारिश का दौर आगे भी जारी रहा तो डैम में पानी की आवक और जलस्तर में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।