खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के पिछोर थाना पुलिस ने वारंटियों और अपहृत नाबालिग बालिकाओं की तलाश को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी दीपक सेन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, वहीं थाना क्षेत्र से अपहृत दो नाबालिग बालिकाओं को भी पुलिस टीमों ने सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर जिले में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति एवं एसडीओपी पिछोर संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना पिछोर पुलिस ने कार्रवाई की।
एक साल से फरार स्थायी वारंटी बस स्टैंड से गिरफ्तार
पहली कार्रवाई में थाना पिछोर पुलिस ने विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पिछोर किशोर कुमार गहलौत के न्यायालय से जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी दीपक सेन पुत्र मिजाजीलाल सेन, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम कछौआ को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ थाना पिछोर के अपराध क्रमांक 366/24 में धारा 137(2), 96, 3(5), 65(1) बीएनएस एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज था। प्रकरण क्रमांक एससी 01/25 में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय द्वारा 8 अप्रैल 2025 को स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था।
थाना पिछोर पुलिस को मुखबिर से आरोपी के बस स्टैंड पिछोर क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 19 सितंबर 2026 को दीपक सेन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब
दूसरी कार्रवाई में पिछोर पुलिस ने थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग अपहरण के मामलों में नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब करने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को हरीनगर लहरी निवासी एक महिला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में थाना पिछोर में अपराध क्रमांक 425/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस टीमों ने तलाश शुरू करते हुए 15 सितंबर 2026 को 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
इसी क्रम में 18 सितंबर 2026 को फुटेरा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 15 वर्षीय बेटी को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की सूचना पुलिस को दी। इस मामले में थाना पिछोर में अपराध क्रमांक 434/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और उसी दिन कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी के दोनों मामलों में सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया और लगातार तलाश एवं तकनीकी/मैदानी प्रयासों के परिणामस्वरूप दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया गया।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
दोनों कार्रवाइयों में थाना प्रभारी पिछोर निरीक्षक नीतू सिंह, सउनि अरविंद सगर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थायी वारंटी की गिरफ्तारी में उनि रामकिशोर जोशी, आरक्षक 896 विकास शिवहरे, आरक्षक 665 योगेंद्र मल्होत्रा एवं आरक्षक 590 बचान सिंह तोमर का योगदान रहा।
वहीं नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षित दस्तयाबी में म.आर. 471 प्रीति यादववंशी एवं एनआरएस नंदिनी की भी सराहनीय भूमिका बताई गई है।
पिछोर पुलिस की इन कार्रवाइयों से एक ओर जहां लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी की गिरफ्तारी हुई, वहीं दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया। पुलिस द्वारा फरार आरोपियों, वारंटियों और अपहृत नाबालिगों की तलाश को लेकर अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।