खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं और कानूनी जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत ग्राम हातोद में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं परामर्श लिया। इस दौरान करीब 51 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य, जागरूकता और आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। इसी कड़ी में ग्राम हातोद को चिह्नित कर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी श्री राजेन्द्र प्रसाद सोनी के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रंजना चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर को लेकर लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ग्रामीण स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचने लगे।
डॉक्टरों ने जांच के साथ दिया जरूरी परामर्श
शिविर में पहुंचने वाले ग्रामीणों की चिकित्सकीय टीम द्वारा जांच की गई। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने के बाद डॉक्टरों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श दिया और जिन मरीजों को दवाइयों की जरूरत थी, उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
ग्रामीणों के लिए यह शिविर इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए कई बार ग्रामीणों को दूर स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पतालों तक जाना पड़ता है। ऐसे में गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम के पहुंचने से लोगों को जांच और परामर्श की सुविधा मिल सकी।
एड्स को लेकर भी किया जागरूक
स्वास्थ्य शिविर में केवल बीमारी की जांच और दवा वितरण तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहा। चिकित्सीय दल ने ग्रामीणों को एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारी को लेकर भी जागरूक किया।
ग्रामीणों को बताया गया कि एचआईवी/एड्स के संबंध में सही जानकारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। चिकित्सकों ने बीमारी के कारणों, बचाव के उपायों और आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या को लेकर अफवाहों के बजाय प्रमाणिक चिकित्सकीय सलाह पर भरोसा करें।
चिकित्सकों ने यह भी समझाया कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही कई बार समस्या को गंभीर बना सकती है। समय पर जांच, सही जानकारी और आवश्यक सावधानी अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल से गांव तक पहुंची सुविधा
60 दिवसीय मेगा ड्राइव अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी एवं विधिक सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर भी जागरूक किया जा रहा है।
ग्राम हातोद में आयोजित स्वास्थ्य शिविर इसी व्यापक अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा। यहां स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ग्रामीणों को जरूरी जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया। शिविर में मौजूद पैरालीगल वॉलंटियर ने भी ग्रामीणों के साथ संवाद किया और अभियान के उद्देश्य की जानकारी दी।
51 ग्रामीणों को मिला सीधे लाभ
शिविर के दौरान लगभग 51 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच के बाद जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों ने गांव में ही स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह की सुविधा मिलने पर शिविर को उपयोगी बताया।
शिविर में चिकित्सीय टीम की ओर से डॉ. मोनिका मंगल, लैब टेक्नीशियन श्री अशोक प्रजापति, श्री शिवा राजे, नर्सिंग ऑफिसर श्री हृदेश सेंगर, सीएचओ रूबीना खान और एएनएम श्रीमती मिथलेश पवैया ने सेवाएं दीं।
इसके अलावा पंचायत सचिव श्री वीर सिंह गुर्जर, रोजगार सहायक श्री मिलटी सिंह आदिवासी, पैरालीगल वॉलंटियर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जागरूकता से मजबूत होगा ग्रामीण समाज
ग्राम हातोद में आयोजित यह शिविर इस बात का उदाहरण रहा कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जागरूकता को जोड़ा जाता है तो उसका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचता है। एक तरफ ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच हुई, वहीं दूसरी तरफ उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाव और सावधानियों के बारे में जानकारी भी मिली।
60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत आयोजित इस पहल ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। शिविर में मिली निःशुल्क जांच, चिकित्सकीय सलाह और दवाइयों की सुविधा से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली, जबकि एचआईवी/एड्स को लेकर दी गई जानकारी ने लोगों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का काम किया।