खुशबू शर्मा खबर:मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शिवपुरी जिले के बदरवास ब्लॉक में शनिवार को 25 जिलों से आए जिला प्रबंधकों का एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। दूसरे जिलों से पहुंचे अधिकारियों ने बदरवास में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित वन स्टॉप फैसिलिटी समिति की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इसके साथ ही ग्राम बूढ़ाडोंगर में अदानी फाउंडेशन द्वारा संचालित गारमेंट फैक्ट्री का भी भ्रमण किया गया।
एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य बदरवास क्षेत्र में आजीविका मिशन के तहत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों की भागीदारी, महिलाओं को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के प्रयासों को समझना रहा। विभिन्न जिलों से आए जिला प्रबंधकों ने स्थानीय स्तर पर चल रहे इन प्रयासों को देखा और संचालन की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
बदरवास बना सीखने का केंद्र
एक्सपोजर विजिट के दौरान विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों का दल बदरवास पहुंचा। यहां स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा संचालित वन स्टॉप फैसिलिटी समिति की गतिविधियों और संचालन व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
दल के सदस्यों ने समिति के काम करने के तरीके, समूह की महिलाओं की भूमिका और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के संचालन को समझा। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर समूह की महिलाओं द्वारा निभाई जा रही जिम्मेदारियों के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरान यह समझने का प्रयास किया गया कि स्व-सहायता समूहों को संगठित करके किस तरह उनकी गतिविधियों को आजीविका के अवसरों से जोड़ा जा रहा है और समूह की महिलाएं किस प्रकार सामूहिक रूप से अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं।
बूढ़ाडोंगर की गारमेंट फैक्ट्री भी पहुंचे अधिकारी
एक्सपोजर विजिट का दूसरा प्रमुख पड़ाव ग्राम बूढ़ाडोंगर की गारमेंट फैक्ट्री रहा। यह फैक्ट्री अदानी फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है। विभिन्न जिलों से आए जिला प्रबंधकों ने फैक्ट्री का भ्रमण कर वहां की गतिविधियों की जानकारी ली।
दल ने यह देखा कि आजीविका मिशन से जुड़े समूहों की महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किस प्रकार प्रयास किए जा रहे हैं।
गारमेंट फैक्ट्री के संचालन और वहां महिलाओं को मिलने वाले रोजगार से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी साझा की गई। विजिट के दौरान अधिकारियों ने रोजगार से जुड़े प्रयासों को देखा और क्षेत्र में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की।
महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर फोकस
आजीविका मिशन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है। बदरवास में आयोजित एक्सपोजर विजिट के दौरान इसी पहल के विभिन्न पहलुओं को अधिकारियों के सामने रखा गया।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों को देखने के बाद दूसरे जिलों से आए
अधिकारियों ने स्थानीय मॉडल और नवाचारों के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान आजीविका मिशन के माध्यम से क्षेत्र में संचालित अन्य गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने। स्थानीय स्तर पर समूहों की भूमिका, रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अनुभवों को समझने का प्रयास किया गया।
अन्य जिलों के अधिकारी ले गए अनुभव
इस एक्सपोजर विजिट की खास बात यह रही कि इसमें 25 जिलों के जिला प्रबंधक शामिल हुए। अधिकारियों ने शिवपुरी जिले में संचालित गतिविधियों को केवल देखा ही नहीं, बल्कि उनके संचालन की प्रक्रिया और जमीनी स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों एवं अनुभवों पर भी चर्चा की।
बदरवास में संचालित वन स्टॉप फैसिलिटी और बूढ़ाडोंगर की गारमेंट फैक्ट्री को देखकर अधिकारियों को ग्रामीण आजीविका से जुड़े विभिन्न मॉडल समझने का अवसर मिला।
इस दौरान क्षेत्र में आजीविका मिशन के माध्यम से संचालित अन्य गतिविधियों और नवाचारों को भी साझा किया गया, ताकि अलग-अलग जिलों में काम कर रहे अधिकारी इनसे संबंधित अनुभवों को अपने-अपने क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुसार समझ सकें।
अधिकारियों और समूह की दीदियों की मौजूदगी
एक्सपोजर विजिट के दौरान शिवपुरी जिले के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. अरविंद भार्गव, जिला प्रबंधक श्रीमती कामना सक्सेना, श्री अंकुर कुशवाहा और श्री प्रमोद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
बदरवास आजीविका मिशन के विकासखंड प्रबंधक श्री धर्मेंद्र उपाध्याय के साथ श्री राजकुमार शर्मा, श्रीमती प्रीति शर्मा, श्री पंकज तिवारी और श्री महेंद्र भी मौजूद रहे।
वहीं स्व-सहायता समूह की दीदियों में शिक्षा जाटव, गायत्री डांगी और कृष्णा कुशवाहा की प्रमुख सहभागिता रही।
जमीनी मॉडल को समझने का मिला मौका
बदरवास में आयोजित इस एक्सपोजर विजिट के जरिए दूसरे जिलों से आए अधिकारियों को ग्रामीण महिलाओं के समूह आधारित आजीविका मॉडल, वन स्टॉप फैसिलिटी की कार्यप्रणाली और गारमेंट क्षेत्र में रोजगार से जुड़े प्रयासों को जमीनी स्तर पर देखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों पर संवाद और अनुभव साझा किए गए। 25 जिलों के अधिकारियों का बदरवास पहुंचना स्थानीय आजीविका गतिविधियों को दूसरे जिलों के साथ साझा करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया।