खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में एक बार फिर चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए हाईवे किनारे स्थित दुकानों को निशाना बनाया है। लुकवासा चौकी क्षेत्र में एनएच-46 हाईवे किनारे दुर्गेश ओझा की तीन दुकानों के ताले तोड़कर चोर करीब 2 लाख 88 हजार रुपए कीमत की कृषि उपज लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने दुकानों में लगे CCTV कैमरों के तार काट दिए और कुछ कैमरों का रुख दूसरी दिशा में कर दिया, ताकि उनकी करतूत कैमरे में कैद न हो सके।
घटना के सामने आने के बाद इलाके के व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है। हाईवे किनारे हुई इस चोरी ने रात के समय दुकानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
रात करीब 1 बजे पहुंचे थे चोर, चेहरों पर बंधा था कपड़ा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक चोर रात करीब 1 बजे दुर्गेश ओझा की दुकानों के आसपास पहुंचे। शुरुआती CCTV फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहे हैं।
बदमाशों को जैसे ही अंदाजा हुआ कि दुकानों के
आसपास निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगे हैं, उन्होंने सबसे पहले कैमरों को निशाना बनाया। चोरों ने कैमरों के तार काट दिए, जबकि कुछ कैमरों का रुख भी दूसरी तरफ कर दिया गया। इसके बाद बदमाशों ने दुकानों के ताले तोड़े और अंदर रखी कृषि उपज को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया।
जिस तरह से बदमाशों ने पहले CCTV व्यवस्था को बाधित किया, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे वारदात को अंजाम देने के दौरान पहचान छिपाने को लेकर सतर्क थे।
धनिया से लेकर उड़द, मसूर और सरसों तक ले गए
चोरों ने दुकानों में रखी कृषि उपज पर हाथ साफ किया। जानकारी के अनुसार बदमाश करीब 14 क्विंटल धनिया, 11 क्विंटल उड़द, 4 क्विंटल मसूर, 2 क्विंटल सोयाबीन और 3 क्विंटल सरसों लेकर फरार हो गए।
चोरी की गई कृषि उपज की कुल कीमत करीब 2 लाख 88 हजार रुपए बताई गई है। चोरों ने तीन दुकानों को निशाना बनाया और वहां रखे माल को लेकर रात के अंधेरे में फरार हो गए।
हाईवे किनारे इतनी बड़ी मात्रा में कृषि उपज चोरी होने से यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी मात्रा में माल चोर किस वाहन से ले गए और किस रास्ते से फरार हुए।
सुबह दुकान पहुंचे तो खुला चोरी का राज
वारदात का पता सुबह उस समय चला, जब दुकान संचालक दुर्गेश ओझा अपनी दुकानों पर पहुंचे। दुकानों के ताले टूटे देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर सामान की जांच की गई तो बड़ी मात्रा में कृषि उपज गायब मिली।
इसके बाद उन्होंने तत्काल लुकवासा पुलिस चौकी को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने दुकानों में टूटे तालों, CCTV कैमरों और आसपास के क्षेत्र की स्थिति को देखा। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोर किस दिशा से आए और वारदात के बाद किस रास्ते से भागे।
आसपास के CCTV बने पुलिस के लिए अहम सुराग
बदमाशों ने दुकानों के CCTV कैमरों के तार काटकर फुटेज को प्रभावित करने की कोशिश जरूर की, लेकिन पुलिस अब आसपास लगे अन्य कैमरों की मदद से सुराग तलाश रही है।
लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों, प्रतिष्ठानों और अन्य स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले और बाद में हाईवे पर कौन-कौन से वाहन गुजरे थे। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गतिविधियों को CCTV फुटेज के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दुकानों को एक साथ निशाना, जांच में जुटी पुलिस
मामले में कोलारस थाना प्रभारी पुनीत बाजपेई के निर्देश पर पुलिस टीम चोरों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
एक ही परिसर की तीन दुकानों को निशाना बनाना और CCTV व्यवस्था को पहले बाधित करना पुलिस के लिए जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में शामिल तीनों संदिग्ध स्थानीय हैं या बाहर से आए थे।
फिलहाल पुलिस आसपास के CCTV फुटेज,
घटनास्थल से मिले संभावित सुराग और चोरी किए गए माल के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कृषि उपज की बड़ी मात्रा होने के कारण पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी का माल कहीं किसी वाहन के जरिए दूसरे स्थान पर तो नहीं ले जाया गया।
हाईवे किनारे चोरी से व्यापारियों में चिंता
एनएच-46 जैसे व्यस्त हाईवे किनारे दुकानों में चोरी की इस वारदात के बाद आसपास के व्यापारियों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। व्यापारी रात के समय दुकानों की निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाए जाने की मांग कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच CCTV फुटेज और संदिग्धों की पहचान पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि 2.88 लाख रुपए की कृषि उपज पर हाथ साफ करने वाले तीनों संदिग्ध कब पुलिस की पकड़ में आते हैं और चोरी का माल कहां से बरामद होता है।