खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में अनियमितता की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। बदरवास क्षेत्र के बड़ोखरा गांव में राशन नहीं मिलने की शिकायत के बाद हुई जांच और कार्रवाई के बीच प्रशासन ने राशन दुकान के विक्रेता के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
प्रशासन के अनुसार, राशन दुकान से जुड़े सेल्समैन योगेश जाट लगातार अनुपस्थित पाया गया। इसके बाद गुरुवार को तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम उसके गांव सेमरी पहुंची, जहां सरकारी जमीन पर बने एक मकान को प्रशासन ने अवैध निर्माण बताया। इसके बाद जेसीबी की मदद से मकान को ढहा दिया गया।
यह कार्रवाई राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के खिलाफ जिले में चल रही प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा बताई जा रही है। वहीं, जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में राशन वितरण में अनियमितता के मामलों में कुल छह राशन विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कलेक्टर के अचानक निरीक्षण में खुली राशन वितरण की शिकायत
मामला बदरवास के बड़ोखरा गांव की उचित मूल्य राशन दुकान से जुड़ा है। यहां ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि उन्हें करीब तीन महीने से राशन नहीं मिल रहा है, जबकि कई हितग्राही राशन लेने के लिए अपनी उंगली का फिंगरप्रिंट तक लगा चुके थे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा के सामने अपनी
परेशानी रखी। कलेक्टर के अचानक निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने सेल्समैन योगेश जाट पर राशन वितरण में लापरवाही और हितग्राहियों को राशन नहीं देने के आरोप लगाए।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने अपनी मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को राशन वितरित कराया। इसके साथ ही संबंधित विक्रेता के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
लगातार दुकान से अनुपस्थित रहने का आरोप
प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद भी सेल्समैन योगेश जाट लगातार राशन दुकान से अनुपस्थित रहा। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
गुरुवार को तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में प्रशासन की टीम योगेश जाट के गांव सेमरी पहुंची। यहां जांच के दौरान टीम को सरकारी जमीन पर बना एक मकान मिला।
प्रशासन ने जांच के दौरान इस निर्माण को अवैध निर्माण बताया। इसके बाद मौके पर जेसीबी बुलाकर मकान को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम की मौजूदगी रही।
हालांकि मकान के निर्माण से संबंधित दस्तावेज और भूमि की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन ने इसे सरकारी जमीन पर किया गया अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई की है।
जिले में छह राशन विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई
राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन की कार्रवाई केवल बदरवास तक सीमित नहीं है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर छह राशन विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
कोलारस क्षेत्र की बामोरखुर्द और श्रीपुरा राशन दुकानों की जांच के दौरान पीओएस मशीन में राशन का स्टॉक दर्ज पाया गया, लेकिन मौके पर संबंधित खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला।
इस मामले में राशन विक्रेता माधौ सिंह यादव और धनपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई और दोनों को जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
रन्नौद और पिछोर में भी कार्रवाई
राशन वितरण में अनियमितता का मामला रन्नौद तहसील की अकोदा राशन दुकान में भी सामने आया। यहां विक्रेता गोलू लोधी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसी तरह पिछोर क्षेत्र में भी राशन वितरण को लेकर जांच के दौरान कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार निवोदा के पुष्पेंद्र, सिनावलकलां के भगवानलाल और बघावारा के सतेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई तथा इन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राशन दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पीओएस मशीन और वास्तविक स्टॉक का होगा मिलान
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के अधिकारियों को सभी उचित मूल्य दुकानों की मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान पीओएस मशीन में दर्ज राशन और वास्तविक स्टॉक का मिलान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीओएस मशीन में जिस मात्रा में राशन दर्ज है, उतना ही खाद्यान्न वास्तव में दुकान पर मौजूद हो और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन वितरित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि पात्र हितग्राहियों को उनका राशन समय पर उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी दुकान पर स्टॉक और रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता है या हितग्राहियों को राशन वितरण में अनियमितता सामने आती है तो जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
राशन व्यवस्था में सख्ती के संकेत
बड़ोखरा में ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा मौके पर राशन वितरण कराने से लेकर सेल्समैन के खिलाफ कार्रवाई और इसके बाद मकान गिराए जाने तक की कार्रवाई ने प्रशासन के सख्त रुख को सामने रखा है।
वहीं, जिले के छह राशन विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने से साफ है कि प्रशासन राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को लेकर सख्ती बरत रहा है।
अब आने वाले दिनों में जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों की जांच में क्या स्थिति सामने आती है, इस पर नजर रहेगी। प्रशासन की जांच का मुख्य फोकस पीओएस रिकॉर्ड, वास्तविक खाद्यान्न स्टॉक और हितग्राहियों को हुए वितरण के बीच किसी भी अंतर को पकड़ना है।
फिलहाल बड़ोखरा-सेमरी की कार्रवाई और छह राशन विक्रेताओं पर हुई कानूनी कार्रवाई के बाद राशन वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती चर्चा में है।