शिवपुरी में दोपहर से फिर झमाझम बारिश का दौर:मौसम हुआ सुहाना

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आया। गुरुवार को दोपहर से शिवपुरी शहर सहित जिले के कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। दोपहर से लेकर देर शाम तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश रुक-रुककर होती रही। अचानक बदले मौसम के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया।

बारिश के बीच शहर की सड़कों पर पानी नजर आया, वहीं लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरों पर भी राहत दिखाई दी। हालांकि, जिले में इस मानसून अब तक हुई बारिश का आंकड़ा सामान्य औसत से काफी पीछे चल रहा है। 1 जून से 3 सितंबर 2026 तक जिले में औसतन 701.52 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी है। यानी जिला अभी भी सामान्य औसत से करीब 115 मिमी पीछे है।

बारिश ने फिर पकड़ी रफ्तार

गुरुवार दोपहर मौसम में बदलाव देखने को मिला। आसमान में बादल छाने के बाद बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में कुछ समय के लिए तेज बारिश भी हुई। इसके बाद बारिश रुक गई, लेकिन कुछ अंतराल के बाद फिर बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला चलता रहा।

देर शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी। लोगों को उमस से राहत मिली। लंबे समय से बारिश के इंतजार में बैठे किसानों और आम लोगों को भी आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है।
हालांकि, जिले में मानसून का कुल आंकड़ा अभी सामान्य स्थिति से नीचे है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सामान्य औसत से 115 मिमी कम बारिश

भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 3 सितंबर 2026 तक शिवपुरी जिले में औसत वर्षा 701.52 मिमी दर्ज की गई है। इसके मुकाबले जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी है।

इस हिसाब से जिले में सामान्य औसत की तुलना में करीब 114.78 मिमी कम बारिश हुई है। यानी मानसून सीजन के इस पड़ाव पर भी जिले को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अच्छी बारिश की जरूरत है।
बारिश का यह अंतर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। कुछ तहसीलों में बारिश का आंकड़ा अपेक्षाकृत बेहतर है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश काफी कम दर्ज की गई है।

पिछले साल के मुकाबले आधी से भी कम बारिश
इस बार की बारिश की स्थिति की तुलना यदि पिछले साल से की जाए तो अंतर और भी बड़ा नजर आता है। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार 3 सितंबर 2025 तक जिले में 1323.48 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।

इसके मुकाबले इस साल इसी अवधि तक औसत बारिश 701.52 मिमी ही दर्ज हुई है। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश काफी कम रही है।

इतना ही नहीं, पिछले पूरे मानसून सीजन में शिवपुरी जिले में कुल 1585.86 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस लिहाज से पिछले वर्ष मानसून ने जिले में अच्छी बारिश कराई थी, जबकि इस साल अब तक स्थिति उसके मुकाबले काफी कमजोर है।

करैरा में सबसे ज्यादा, बैराड़ सबसे पीछे

तहसीलवार बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार करैरा तहसील में सबसे ज्यादा 787.50 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं बैराड़ में सबसे कम 597 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।

अन्य तहसीलों की स्थिति इस प्रकार है—
शिवपुरी — 678.20 मिमी
बैराड़ — 597 मिमी
पोहरी — 652 मिमी
नरवर — 717 मिमी
करैरा — 787.50 मिमी
पिछोर — 774 मिमी
कोलारस — 613 मिमी
बदरवास — 781.50 मिमी
खनियाधाना — 713.50 मिमी

आंकड़ों से साफ है कि करैरा और बदरवास में बारिश की स्थिति जिले के कई अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर रही है, जबकि बैराड़ और कोलारस जैसे क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम है।

किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार

मानसून की बारिश खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिले में बड़ी संख्या में किसान खरीफ फसलों के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बारिश का सामान्य औसत से पीछे रहना चिंता का विषय भी है।
गुरुवार को हुई बारिश के बाद किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला और मजबूत होगा। यदि लगातार अच्छी बारिश होती है तो जिले का कुल वर्षा आंकड़ा सामान्य औसत के करीब पहुंच सकता है।

वहीं, कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों की नजर अब आसमान पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश खेती और जलस्रोतों की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है

आगे अच्छी बारिश की उम्मीद

गुरुवार को बारिश शुरू होने के बाद जिलेवासियों को अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। मौसम में बने बदलाव और बारिश के दौर को देखते हुए लोगों को उम्मीद है कि मानसून विदाई से पहले जिले में पर्याप्त बारिश होगी।

यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहता है तो वर्तमान में सामान्य औसत से पीछे चल रहा जिले का आंकड़ा तेजी से सुधर सकता है। हालांकि, सामान्य औसत तक पहुंचने के लिए जिले को अभी अच्छी मात्रा में बारिश की जरूरत है।

फिलहाल गुरुवार की बारिश ने गर्मी और उमस से राहत जरूर दी है, लेकिन शिवपुरी का मानसूनी आंकड़ा अभी भी सामान्य औसत से करीब 115 मिमी पीछे है। अब सबकी निगाहें आने वाले दिनों के मौसम और आसमान से बरसने वाले पानी पर टिकी हैं।
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