शिवपुरी में बारिश का कहर:3 दिन से बरस रहा पानी:शहर से गांव तक जलभराव

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी और मुसीबत का सबब बनती जा रही है। शहर की निचली बस्तियों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। नदी-नाले और रपटे उफान पर हैं, रास्तों पर पानी बह रहा है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने लगा है। इस बीच शुक्रवार को रपटा पार करते समय 21 वर्षीय युवक के तेज बहाव में बह जाने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।

एक तरफ लोग बारिश के पानी से राहत पाने के लिए जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में बीमार और जरूरतमंद लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। रन्नौद क्षेत्र में तो एक बीमार बुजुर्ग को परिजन खाट पर लिटाकर उफनती मौसमी नदी पार कराने को मजबूर हुए। इन तस्वीरों ने बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और आवागमन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहर की कॉलोनियां पानी में डूबीं

लगातार बारिश का असर शिवपुरी शहर में भी साफ दिखाई दे रहा है। संजय कॉलोनी, नमो नगर, न्यू द्वारिकापुरी और झिंगुरा कॉलोनी सहित कई इलाकों में बारिश का पानी भर गया। निचले क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

न्यू द्वारिकापुरी में जलभराव के चलते कई परिवारों के घरों से बाहर निकलने की स्थिति नहीं रही। लोगों को बारिश थमने और पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

शहर में जलभराव ने नाले और सीवर व्यवस्था की पोल भी खोल दी। कमला हेरिटेज होटल से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पर करीब एक फीट पानी जमा हो गया। बताया गया कि इस मार्ग पर सीवर लाइन के चैंबर पहले से खराब थे। बारिश के बाद पानी भरने पर कई वाहन इन चैंबरों में फंस गए। कुछ दोपहिया वाहन चालकों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
रपटा पार करते समय बह गया 21 साल का युवक

बारिश के बीच सबसे चिंताजनक घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के सिकरावदा गांव में सामने आई। शुक्रवार यानी 4 सितंबर को 21 वर्षीय राम रावत, पिता राजू रावत, रपटा पार कर रहा था। इसी दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो गया और राम अपना संतुलन नहीं संभाल सका। देखते ही देखते वह तेज बहाव में बह गया।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। युवक की तलाश शुरू की गई। शनिवार को एसडीईआरएफ की टीम ने नदी और आसपास के इलाके में दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।

अब रविवार को एक बार फिर युवक की तलाश किए जाने की बात सामने आई है। परिवार राम के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

बीमार बुजुर्ग को खाट पर लिटाकर नदी पार कराई

बारिश से ग्रामीण इलाकों में किस तरह की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं, इसकी तस्वीर रन्नौद थाना क्षेत्र में देखने को मिली। धंधेरा और डगपीपरी गांव के बीच कच्चा रास्ता और मौसमी नदी बारिश के चलते उफान पर है।

इसी दौरान बंजारा बस्ती निवासी प्यारे लाल जाटव की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नदी पार करने की थी। रास्ते में पानी का बहाव तेज था और सामान्य तरीके से निकलना मुश्किल था।

आखिरकार परिजनों ने प्यारे लाल को खाट पर लिटाया और खाट को उठाकर उफनती नदी पार कराई। इसके बाद उन्हें रन्नौद अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में यह रास्ता अक्सर बंद हो जाता है। ऐसे में बीमारी या किसी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। सवाल यह है कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल इलाज की जरूरत पड़े तो ऐसे हालात में एंबुलेंस भी गांव तक कैसे पहुंचेगी?

उफनती पुलिया पर जान जोखिम में डालकर बाइक निकालते लोग

बारिश के दौरान प्रशासन लगातार लोगों से नदी-नालों और रपटों से दूर रहने की अपील कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर पानी पार करते नजर आ रहे हैं।

रन्नौद-बामौर मार्ग की पुलिया पर पानी बहने के बावजूद रविंद्र आदिवासी और अरविंद रजक बाइक से पुलिया पार करते दिखाई दिए। तेज बहाव के बीच बाइक निकालना किसी बड़े हादसे को न्योता देने से कम नहीं था। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

वहीं इंदार थाना क्षेत्र के इमलावदी गांव में तीन दिन पहले शिशुपाल की बाइक रपटा पार करते समय पानी में बह गई थी। शनिवार को ग्रामीणों ने बाइक को पानी से बाहर निकाला।

प्रशासन की अपील—रपटा पार करने की गलती न करें
बारिश के बीच सबसे बड़ा खतरा उन रास्तों पर है जहां नदी, नाला या रपटा सड़क के ऊपर से बह रहा है। ऐसे स्थानों पर पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि उफान पर चल रहे नदी-नालों, रपटों और पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। खासकर बाइक, कार या पैदल पानी पार करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

बारिश ने खोल दी व्यवस्थाओं की पोल

शिवपुरी में तीन दिनों की लगातार बारिश ने जहां मौसम को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं जलभराव और उफनते नदी-नालों ने व्यवस्थाओं की परीक्षा भी शुरू कर दी है। शहर में सीवर और जलनिकासी की समस्या सामने है तो ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुलिया लोगों के लिए संकट बन रही हैं।

एक युवक की तलाश जारी है, एक बुजुर्ग को खाट पर नदी पार कराना पड़ा और लोग अब भी उफनती पुलियों से बाइक निकालने का जोखिम उठा रहे हैं। ऐसे हालात में प्रशासन की अपील के साथ-साथ मौके पर निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है।
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