खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण और जाटव समाज को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आजाद लोधी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करैरा पुलिस ने आरोपी को मथुरा से पकड़ा और शिवपुरी लाने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पिछले कई दिनों से करैरा और पिछोर क्षेत्र में लोगों में नाराजगी थी। सर्व समाज के लोगों ने पुलिस और प्रशासन के सामने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। मामला केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर ज्ञापन और विरोध के जरिए पुलिस पर आरोपी को जल्द पकड़ने का दबाव भी बनाया गया।
सबसे दिलचस्प मोड़ उस समय आया, जब पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे आरोपी ने खुद वीडियो जारी कर सरेंडर करने का ऐलान कर दिया। वीडियो में उसने अपने चाहने वालों और समर्थकों से भी साथ आने की अपील की थी। लेकिन जिस सरेंडर की घोषणा वह कैमरे के सामने कर रहा था, पुलिस ने उससे पहले ही उसकी लोकेशन तक पहुंचकर उसे मथुरा से दबोच लिया।
सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद भड़का विवाद
पुलिस के मुताबिक, ग्राम बैसोरा निवासी आजाद लोधी पर सोशल मीडिया के माध्यम से समाज विशेष के लोगों और महिलाओं को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं। इस मामले में करैरा और पिछोर थाने में प्रकरण दर्ज किए गए थे।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई। लोगों का कहना था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किसी समाज या महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए नहीं किया जाना चाहिए। विवाद बढ़ने के साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ने लगी।
सर्व समाज ने खोला मोर्चा
आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर करैरा और पिछोर क्षेत्र में सर्व समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपे। लोगों ने पुलिस अधिकारियों से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। इतना ही नहीं, लोग एसपी कार्यालय तक पहुंचे और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
कुछ लोगों की ओर से आरोपी के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई गई थी। हालांकि जिलाबदर जैसी कार्रवाई कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही तय होती है।
लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने भी आरोपी की तलाश तेज कर दी। पुलिस की टीमें उसकी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थीं।
फिर आया सरेंडर वाला वीडियो
मामले में नया ट्विस्ट तब आया, जब आरोपी आजाद लोधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उसने पिछोर थाने पहुंचकर सरेंडर करने की बात कही।
आरोपी ने कथित तौर पर अपने चाहने वालों और समर्थकों को भी उसके साथ आने के लिए कहा। इसके बाद लोगों की नजर इस बात पर टिक गई कि आरोपी कब थाने पहुंचेगा।
लेकिन शुक्रवार को जन्माष्टमी होने के चलते आरोपी पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें सोमवार को पिछोर थाने पहुंचकर सरेंडर करने की बात कही गई।
सोमवार का इंतजार भी नहीं कर पाई कहानी
आरोपी के दूसरे वीडियो के बाद माना जा रहा था कि वह सोमवार को थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर सकता है। लेकिन पुलिस ने उसे यह मौका ही नहीं दिया।
पुलिस को आरोपी के मथुरा में होने की जानकारी मिली और टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस तरह जिस सरेंडर का ऐलान आरोपी सोशल मीडिया वीडियो के जरिए कर रहा था, उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शिवपुरी लाया गया और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस की लगातार निगरानी का नतीजा
इस कार्रवाई को पुलिस की लगातार तलाश और निगरानी का नतीजा माना जा रहा है। आरोपी कई दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और सोशल मीडिया पर उसके वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चित हो गया था।
पुलिस ने उसकी तलाश में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और आखिरकार मथुरा में उसकी मौजूदगी का पता लगाकर गिरफ्तारी कर ली।
अब आगे क्या?
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों, संबंधित पोस्ट और दर्ज मामलों से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने करैरा और पिछोर में सामाजिक स्तर पर नाराजगी पैदा कर दी थी। गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन से लेकर एसपी कार्यालय तक आवाज उठी और आखिरकार पुलिस ने आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया।
सरेंडर का वीडियो बनाकर तारीख बताने वाले आरोपी को पुलिस ने तय तारीख से पहले ही पकड़ लिया। अब सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों के मामले में अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और उसी के आधार पर आरोपों की कानूनी स्थिति तय होगी।