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Nikk Pandit
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खबर शिवपुरी जिले में चार दिन तक लगातार हुई तेज बारिश के बाद अब शिवपुरी शहर में बारिश से हुए नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। मंगलवार शाम नवाब साहब रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान का करीब आधा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मकान का छज्जा, बाथरूम और पीछे का बड़ा हिस्सा गिरने से मलबा सड़क और आसपास के हिस्से में फैल गया।

मकान का हिस्सा इतनी तेजी से गिरा कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मलबे की चपेट में वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी आ गईं। तीनों बाइक मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और आसपास के लोगों ने परिवार की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया।

सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस समय मकान का हिस्सा गिरा, उस वक्त कोई व्यक्ति उसके नीचे मौजूद नहीं था। यदि हादसे के समय लोग मकान के आसपास होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

चार दिन की बारिश ने कमजोर कर दिया मकान

मकान मालिक सुनील रजक के मुताबिक पिछले चार दिनों से शहर में लगातार तेज बारिश हो रही थी। लगातार पानी गिरने के कारण मकान का पुराना हिस्सा कमजोर हो गया था। मंगलवार शाम अचानक मकान के पिछले हिस्से में हलचल हुई और देखते ही देखते छज्जा, बाथरूम सहित मकान का करीब आधा हिस्सा भरभराकर गिर गया।

मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। मलबे में सामान और मोटरसाइकिलें दबी देखकर परिवार की परेशानी और बढ़ गई।

मलबे में दब गईं तीन बाइकें

मकान का हिस्सा गिरने के दौरान वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें मलबे की चपेट में आ गईं। भारी मलबा गिरने से तीनों बाइकें दब गईं और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा।

सुनील रजक ने बताया कि तीनों मोटरसाइकिलों की कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। मकान का हिस्सा गिरने के बाद बाइकें मलबे में दब गईं, जिन्हें लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

मलबे में घर का अन्य सामान भी दब गया। मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से में रखा सामान बारिश और मलबे के कारण खराब होने की बात भी सामने आई है।

मकान की मरम्मत में भी लाखों का खर्च

मकान मालिक के अनुसार मकान के गिरे हुए हिस्से को दोबारा तैयार कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में करीब ढाई लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा तीन मोटरसाइकिलों का नुकसान भी करीब ढाई लाख रुपए बताया गया है।

इस तरह मकान और वाहनों को मिलाकर परिवार ने कुल करीब 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया है।
बारिश से पहले तक जिस मकान में परिवार सामान्य तरीके से रह रहा था, अब उसका एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर मलबे में बदल गया है। परिवार के सामने अब मकान की मरम्मत के साथ-साथ खराब हुई बाइक और घरेलू सामान को लेकर भी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

गनीमत रही, टल गया बड़ा हादसा

हादसे में किसी व्यक्ति के घायल नहीं होने से परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। मकान का हिस्सा जिस जगह गिरा, वहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि हादसा कुछ समय पहले या बाद में होता और कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में आ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

मकान गिरने के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर परिवार की मदद की। मलबा हटाने और उसमें दबे सामान को बाहर निकालने में भी लोगों ने सहयोग किया।

बारिश थमी तो सामने आने लगा नुकसान

शिवपुरी में पिछले चार दिनों से हुई तेज बारिश के बाद अब अलग-अलग इलाकों से नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। कहीं जलभराव तो कहीं कच्चे और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी है।
नवाब साहब रोड की घटना भी इसी बारिश के असर की एक तस्वीर है। लगातार बारिश से पुराने और कमजोर भवनों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में शहर के ऐसे मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं, जो लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं

प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग

हादसे के बाद प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि बारिश के कारण हुए नुकसान का नियमानुसार सर्वे कराया जाए और पात्रता के अनुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
परिवार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त मकान को दोबारा सुरक्षित बनाना है। करीब पांच लाख रुपए के नुकसान का अनुमान परिवार की आर्थिक परेशानी को और बढ़ा रहा है।

सवाल यह भी—शहर के कमजोर मकानों का सर्वे कब?
इस घटना ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है कि लगातार बारिश के बीच शहर में मौजूद कमजोर और जर्जर मकानों को लेकर प्रशासन कितनी गंभीरता से निगरानी कर रहा है। बारिश के मौसम में ऐसे मकान कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।

फिलहाल नवाब साहब रोड पर मकान का हिस्सा गिरने की घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन तीन बाइकें मलबे में दबने और मकान के बड़े हिस्से के ढहने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

चार दिन की बारिश ने पहले पानी से शहर को बेहाल किया और अब कमजोर मकानों की असली हालत सामने आने लगी है। नवाब साहब रोड का यह हादसा चेतावनी है कि बारिश के दौरान जर्जर और कमजोर निर्माण को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है।
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