खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राशन घोटाले से संबंधित समाचार प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर अतिरिक्त आवंटन दिखाकर बैलेंस फर्जी तरीके से बढ़ाने और खाद्यान्न गायब करने संबंधी शिकायतों की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है।
इसके साथ ही राशन वितरण व्यवस्था पर अब जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की भी सीधी निगरानी रहेगी। आम उपभोक्ताओं के लिए विशेष WhatsApp हेल्पलाइन नंबर 79879 56573 भी जारी किया गया है, जिस पर राशन दुकानों से जुड़ी गड़बड़ी की शिकायत की जा सकेगी। प्रशासन का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
यानी अब राशन की दुकान से लेकर ऑनलाइन रिकॉर्ड और जमीनी स्टॉक तक प्रशासन की नजर रहने वाली है।
राशन घोटाले की खबर पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान
दैनिक समाचार पत्रों में राशन वितरण से जुड़ी कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने मामले का संज्ञान लिया। शिकायतों में ऑनलाइन पोर्टल पर अतिरिक्त आवंटन दिखाकर बैलेंस बढ़ाने और वास्तविक खाद्यान्न के गायब होने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे।
मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच के लिए कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी श्री आनंद सिंह राजावत की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच दल गठित किया है।
जांच दल में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री जगदीप सिंह, जिला प्रबंधक लोक सेवा प्रबंधन श्री रवि शर्मा और जिला आपूर्ति कार्यालय के सहायक ग्रेड-2 श्री विपिन जैन को शामिल किया गया है।
15 दिन में रिपोर्ट, तकनीकी जांच के निर्देश
कलेक्टर ने जांच दल को मामले के प्रत्येक पहलू की सूक्ष्म एवं तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। टीम को 15 दिवस के भीतर स्पष्ट अभिमत के साथ जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।
जांच केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राशन आवंटन, ऑनलाइन रिकॉर्ड, उपलब्ध स्टॉक और वितरण व्यवस्था से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
इसके साथ ही जांच दल से यह भी कहा गया है कि जिले में पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकान से खाद्यान्न समय पर और सुचारू रूप से मिल सके, इसके लिए व्यवस्था में आवश्यक सुधार के सुझाव भी दिए जाएं।
अब राशन दुकानों पर जनपद CEO की नजर
कलेक्टर श्री वर्मा ने राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले की जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है।
जनपद CEO अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित राशन दुकानों का नियमित और अनिवार्य निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान केवल दुकान खुली है या नहीं, यह नहीं देखा जाएगा, बल्कि दुकान में उपलब्ध वास्तविक खाद्यान्न स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक का मिलान भी किया जाएगा।
इसके अलावा वितरण व्यवस्था, हितग्राहियों को मिलने वाली सुविधाओं और राशन वितरण में आने वाली किसी भी बाधा की भी जांच की जाएगी।
रिकॉर्ड कुछ और, जमीन पर स्टॉक कुछ और तो होगी कार्रवाई
राशन व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान है। यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड में खाद्यान्न उपलब्ध दिखाया जा रहा है, लेकिन मौके पर स्टॉक कम मिलता है, तो यह गंभीर जांच का विषय होगा।
इसी तरह पात्र हितग्राही के नाम पर वितरण दर्ज होने के बावजूद यदि वास्तविक रूप से राशन नहीं दिया गया है, तो शिकायत की जांच की जाएगी।
प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और पात्र परिवारों के हिस्से का खाद्यान्न किसी स्तर पर न रुके और न ही उसका दुरुपयोग हो।
अब सीधे WhatsApp पर करें शिकायत
राशन दुकान से परेशान उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष WhatsApp हेल्पलाइन 79879 56573 शुरू की है।
इस नंबर पर राशन कार्डधारी उपभोक्ता दुकान से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायत कर सकते हैं।
इनमें राशन दुकान का निर्धारित समय पर नहीं खुलना, दुकान बंद मिलना, POS मशीन खराब होने या बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी राशन नहीं देना, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न देना जैसी शिकायतें शामिल हैं।
इसके अलावा राशन वितरण की पर्ची नहीं देना, मशीन या रजिस्टर में वितरण दर्ज होने के बावजूद वास्तविक राशन नहीं देना और दुकानदार द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी किए जाने की सूचना भी WhatsApp के जरिए दी जा सकेगी।
फोटो और वीडियो भी भेज सकेंगे उपभोक्ता
शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ साक्ष्य जुटाने पर भी जोर दिया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को दुकान बंद मिलती है, गलत तौल दी जाती है या राशन वितरण में कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह मौके की फोटो अथवा छोटा वीडियो बनाकर शिकायत के साथ भेज सकता है।
शिकायत में राशन दुकान का नाम या क्रमांक और समस्या का संक्षिप्त विवरण लिखना होगा। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य जांच को और मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का दावा
जिला प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि राशन वितरण में गड़बड़ी देखने वाले लोग बिना किसी डर के प्रशासन तक जानकारी पहुंचा सकें।
कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राप्त शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की नजर में अब पूरी व्यवस्था
तीनों फैसलों को एक साथ देखा जाए तो जिला प्रशासन ने राशन व्यवस्था के तीन स्तरों पर निगरानी का सिस्टम तैयार किया है।
पहला—कथित राशन घोटाले की जांच के लिए विशेष चार सदस्यीय जांच दल।
दूसरा—जनपद CEO द्वारा राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण।
तीसरा—आम उपभोक्ताओं के लिए सीधे WhatsApp शिकायत व्यवस्था।
इससे प्रशासन को एक तरफ अधिकारियों के माध्यम से जमीनी स्थिति की जानकारी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता भी सीधे अपनी शिकायत और साक्ष्य भेज सकेंगे।
अब राशन की हर गड़बड़ी पर प्रशासन की नजर
शिवपुरी में राशन वितरण को लेकर उठे सवालों के बीच कलेक्टर अर्पित वर्मा का यह एक्शन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जांच अब केवल शिकायतों के स्तर पर नहीं रहेगी। चार सदस्यीय टीम 15 दिन में रिपोर्ट देगी, जनपद CEO दुकानों का निरीक्षण करेंगे और उपभोक्ता सीधे WhatsApp पर शिकायत कर सकेंगे।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जांच दल की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित अनियमितताओं को लेकर जिम्मेदारी किसकी तय होती है। फिलहाल जिला प्रशासन का संदेश साफ है—पात्र हितग्राही के हक का राशन किसी भी कीमत पर नहीं रुकना चाहिए।