खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद अब जलाशयों में पानी की आवक तेज हो गई है। जिले में इस सीजन की औसत वर्षा सामान्य औसत से ऊपर पहुंच गई है। वहीं, लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंध परियोजना के अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। डैम से गेटों और पावर हाउस की मशीनों के जरिए कुल 654.494 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड की दर से डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है।
मड़ीखेड़ा डैम से पानी की निकासी शुरू होने के बाद सिंध नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी के बहाव में भी तेजी आने की संभावना है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
24 घंटे में 82.07 मिमी बारिश का इजाफा
भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक शिवपुरी जिले में इस सीजन की औसत वर्षा 764.46 मिमी दर्ज की गई थी। इसके बाद पिछले 24 घंटे में जिले में 82.07 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिसके चलते 5 सितंबर तक जिले की औसत वर्षा बढ़कर 846.53 मिमी पहुंच गई।
जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी है। इस हिसाब से इस सीजन में अब तक जिले में सामान्य से 30.23 मिमी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है।
लगातार बारिश के कारण खेतों, नदियों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। खासकर मड़ीखेड़ा डैम के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश होने से डैम के जलस्तर पर इसका सीधा असर पड़ा है।
FRL से महज 1.15 मीटर नीचे जलस्तर
शनिवार सुबह 11 बजे मड़ीखेड़ा डैम का जलस्तर 345.10 मीटर दर्ज किया गया। डैम का फुल रिजर्वायर लेवल यानी FRL 346.25 मीटर है। इस तरह डैम का जलस्तर अधिकतम जलभराव स्तर से करीब 1.15 मीटर नीचे है।
डैम में फिलहाल 755.40 मिलियन घन मीटर लाइव स्टोरेज उपलब्ध है। यह डैम की कुल 834.83 मिलियन घन मीटर क्षमता का 90.49 प्रतिशत है। पानी की लगातार आवक और डैम के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल निकासी जारी रखी गई है।
चार गेटों से छोड़ा जा रहा पानी
मड़ीखेड़ा डैम के गेट 4 सितंबर की शाम 3:30 बजे से खोले गए हैं। 5 सितंबर को सुबह 10 बजे की स्थिति में डैम के चार गेट खुले थे।
जानकारी के अनुसार, गेट नंबर 5 और 6 को 1.25-1.25 मीटर खोला गया है। वहीं गेट नंबर 4 और 7 को 0.75-0.75 मीटर खोला गया है। गेट नंबर 3 और 8 फिलहाल बंद हैं।
इस प्रकार चार खुले गेटों की कुल ओपनिंग 4 मीटर है। इन चार गेटों से 519.074 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड की दर से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त पावर हाउस की मशीनों के जरिए 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों को मिलाकर मड़ीखेड़ा डैम से कुल 654.494 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड की दर से डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है।
बदरवास में सबसे ज्यादा बारिश
जिले की तहसीलों में इस सीजन अब तक सबसे ज्यादा बारिश बदरवास में 916.50 मिमी दर्ज हुई है। इसके बाद शिवपुरी में 892.70 मिमी, पिछोर में 882 मिमी, नरवर में 872 मिमी, करैरा में 870.10 मिमी और पोहरी में 845 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
वहीं बैराड़ में 842 मिमी, खनियाधाना में 758.50 मिमी और कोलारस में 740 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
इन आंकड़ों से साफ है कि जिले के अधिकांश हिस्सों में इस वर्ष बारिश सामान्य औसत के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुकी है।
सिंध नदी के किनारे बढ़ी सतर्कता की जरूरत
मड़ीखेड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद सिंध नदी का जलप्रवाह बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में नदी के किनारे बसे गांवों, घाटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बरसात के दौरान नदी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने, पानी के तेज बहाव में उतरने या पुल-पुलियों पर खड़े होकर जलस्तर देखने से बचने की अपील की जानी जरूरी है।
बारिश ने बदला शिवपुरी का जल परिदृश्य
इस बार मानसून की सक्रियता का असर जिले के बारिश के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी के मुकाबले अब तक 846.53 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। वहीं मड़ीखेड़ा डैम अपनी कुल जलभराव क्षमता के 90.49 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
डैम में पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल चार गेटों से पानी की निकासी के साथ पावर हाउस से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
अब सबसे अहम नजर डैम के जलस्तर, कैचमेंट क्षेत्र में होने वाली बारिश और डाउनस्ट्रीम सिंध नदी के बहाव पर रहेगी। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो डैम में पानी की आवक और निकासी दोनों में बदलाव संभव है। इसलिए नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों और आम लोगों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।