शिवपुरी में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ जनसुनवाई:करीब 50 शिकायतों पर हुई सुनवाईसाइबर अपराध:घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले पहुंचे

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके त्वरित निराकरण के उद्देश्य से सोमवार को शिवपुरी के सर्किट हाउस में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई आयोजित की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में जिलेभर से महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं। आयोग अध्यक्ष ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान करीब 50 शिकायतों पर विस्तृत सुनवाई की गई। इनमें लगभग 40 महिलाओं ने स्वयं उपस्थित होकर अपने आवेदन आयोग के समक्ष रखे। शिकायतों में साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, दहेज प्रथा से जुड़े मामले और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिलने जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।

एक-एक महिला से सीधे किया संवाद

जनसुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महिलाओं से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से समझा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामलों की स्थिति की जानकारी ली तथा शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि शिकायत की वास्तविक स्थिति को समझते हुए संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ समाधान किया जाए।

शासकीय योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो महिलाएं योजनाओं के लिए पात्र हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर संबंधित शासकीय योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

दूर-दराज की महिलाओं तक पहुंचने की पहल

जनसुनवाई के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल का उद्देश्य उन महिलाओं तक पहुंचना है, जो ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहती हैं और अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली तक नहीं पहुंच पातीं।

उन्होंने कहा कि गांव-देहात की कई महिलाओं को यह जानकारी नहीं होती कि अपनी शिकायत कहां और किस अधिकारी के सामने रखें। ऐसी महिलाओं तक पहुंचने के लिए आयोग स्वयं उनके बीच आ रहा है, ताकि उन्हें अपनी समस्या रखने के लिए दूर न जाना पड़े।

आयोग अध्यक्ष ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि आयोग से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला दूसरे विभाग से संबंधित है तो उसे संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने रखकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

महिला कानूनों के दुरुपयोग से बचने की अपील

जनसुनवाई के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में भी श्रीमती रहाटकर ने महिलाओं से जुड़े मामलों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी प्रकरण बेहद संवेदनशील और कई बार पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस को शिकायत की पूरी पृष्ठभूमि समझकर कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने दहेज कानून और अन्य महिला हितैषी कानूनों के दुरुपयोग से बचने की अपील की। उनका कहना था कि यदि कानून का गलत इस्तेमाल होता है तो इससे वास्तविक पीड़ित महिलाओं के मामलों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कानून के प्रावधानों के अनुरूप निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई पर जोर दिया।

मानव तस्करी रोकने पर जोर

महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आयोग अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को जिले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी रोधी) तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सेक्स वर्कर्स से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने और जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही हेल्पलाइन के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

महिला सुरक्षा और न्याय को बताया प्राथमिकता

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, समानता और न्याय से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने और न्याय पाने के लिए किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और पुलिस को भी ऐसी शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

जनसुनवाई में महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के साथ-साथ सरकारी योजनाओं से संबंधित परेशानियां भी अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों द्वारा कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज, अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला, उपनिदेशक श्री रामावतार सिंह सहित जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जनसुनवाई के माध्यम से जिले की महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने रखने का अवसर मिला। अब संबंधित विभागों के सामने इन शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से शासकीय योजनाओं की पात्र महिलाओं को तीन दिन में लाभ दिलाने के निर्देश के बाद संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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