शिवपुरी में 9 माह के बच्चे को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार:मकान बनाने से रोकने का आरोप, कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर के मनियर बायपास इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक परिवार अपने 9 माह के बच्चे सहित पानी की टंकी पर चढ़ गया। परिवार का आरोप था कि वह पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से सरकारी जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहा है, लेकिन अब कुछ लोग उसे वहां पक्का मकान बनाने से रोक रहे हैं। परिवार ने अपनी समस्या का समाधान नहीं होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे तक परिवार को समझाने और उनकी समस्या के समाधान का भरोसा देने के बाद परिवार पानी की टंकी से नीचे उतर आया। सुरक्षा की दृष्टि से SDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था।

पत्नी, मां और 9 माह के बेटे के साथ टंकी पर चढ़ा पवन

जानकारी के अनुसार, मनियर निवासी पवन जाटव सोमवार को अपनी पत्नी सपना जाटव, मां रामश्री जाटव और 9 माह के बेटे इशांक जाटव के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। परिवार के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पवन का आरोप है कि उसका परिवार लंबे समय से इसी स्थान पर झोपड़ी बनाकर रह रहा है। उसका कहना है कि करीब 25-30 वर्षों से वह इसी जगह रह रहा है, लेकिन अब जब परिवार पक्के मकान का निर्माण करना चाहता है तो कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें मकान बनाने से रोका जा रहा है और लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पवन का कहना था कि उसने अपनी समस्या को लेकर पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।

‘समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नीचे नहीं उतरेंगे’
पवन और उसके परिवार के टंकी पर चढ़ने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक
अधिकारियों ने उन्हें नीचे आने के लिए समझाना शुरू किया। हालांकि परिवार अपनी मांग पर अड़ा रहा।

पवन का कहना था कि जब तक उसकी समस्या को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती और उसे रहने तथा मकान निर्माण को लेकर समाधान नहीं मिलता, तब तक वह परिवार के साथ नीचे नहीं उतरेगा।

पवन ने कुछ लोगों के नाम भी बताए और आरोप लगाया कि अतर सिंह धाकड़, राम स्वरूप धाकड़ सहित अन्य लोग उसे मकान बनाने से रोक रहे हैं।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
मामा को पुलिस द्वारा ले जाने का भी लगाया आरोप
पवन ने यह भी आरोप लगाया कि उसके मामा रामभजन को पुलिस पकड़कर ले गई थी। उसके मुताबिक, इस घटना के बाद वह और उसका परिवार परेशान हो गया था। पवन का कहना था कि अपनी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए ही उसने परिवार के साथ पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की।

थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा भी मौके पर पहुंचे और परिवार से बातचीत शुरू की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि समस्या का समाधान बातचीत और नियमानुसार कार्रवाई के जरिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने परिवार से सुरक्षित तरीके से नीचे उतरने की अपील की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए SDRF टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ वहां पहुंची और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।

डेढ़ घंटे बाद नीचे उतरा परिवार

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक परिवार से बातचीत की। इस दौरान अधिकारियों ने उनकी शिकायत को सुना और समाधान का भरोसा दिलाया।

लगातार समझाइश और प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद आखिरकार पवन जाटव अपने परिवार के साथ पानी की टंकी से नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा

मामले को लेकर तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि परिवार सरकारी जमीन पर मकान बनाना चाहता था। परिवार को समझाइश दी गई है और उसे नियमानुसार आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिया गया है।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में नियमानुसार ही कार्रवाई की जाएगी। परिवार की समस्या को संबंधित स्तर पर देखा जाएगा और पात्रता के अनुसार उसे सरकारी योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

अब शिकायत की जांच पर टिकी नजर

फिलहाल परिवार के टंकी से नीचे उतरने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। घटना के दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए थे। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में परिवार को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

अब पूरे मामले में परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और जमीन से जुड़े विवाद की जांच महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन यह भी देखेगा कि परिवार वास्तव में कितने समय से वहां रह रहा है और आवास योजना के तहत वह किन शर्तों पर लाभ का पात्र है।

फिलहाल पानी की टंकी पर परिवार के चढ़ने से मचा हंगामा समाप्त हो गया है, लेकिन जमीन और मकान से जुड़ा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिवार नीचे उतर गया है और अब आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और नियमों के आधार पर होगी।
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