खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बैराड़ थाना पुलिस ने अवैध कच्ची शराब बनाने और बेचने के ठिकाने पर कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने बेडियापुरा में नदी किनारे दबिश देकर करीब 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब बरामद की। मौके से शराब बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे दो लोहे के ड्रम और एल्युमीनियम की परात भी जब्त की गई। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 34 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध मौके पर मौजूद मिले, लेकिन पुलिस को देखते ही दोनों वहां से भाग निकले। पुलिस ने शराब और अन्य सामग्री को कब्जे में लेकर दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर नदी किनारे पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 की शाम बैराड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बेडियापुरा टोरिया में रन्नो पुत्र सावधान बेड़िया और रोमित पुत्र विजय कुमार बेड़िया अपने घर के पीछे नदी किनारे हाथ भट्टी से कच्ची शराब तैयार कर रहे हैं और उसका विक्रय भी कर रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल फोर्स तैयार किया और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान की ओर रवाना हुई। पुलिस टीम जब दोनों आरोपियों के घर के पीछे नदी किनारे पहुंची तो वहां दो व्यक्ति दिखाई दिए। उनके सामने सफेद रंग की दो प्लास्टिक की कट्टियां रखी हुई थीं।
पुलिस को देखते ही भागे दोनों आरोपी
पुलिस के पहुंचते ही दोनों संदिग्धों ने मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। साथ गए मुखबिर ने पुलिस को भागने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान रन्नो पुत्र सावधान बेड़िया और रोमित पुत्र विजय कुमार बेड़िया, निवासी बेडियापुरा टोरिया के रूप में बताई।
दोनों के फरार होने के बाद पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई प्लास्टिक की कट्टियों की जांच की। कट्टियों को खोलकर जब पुलिस और पंच गवाहों ने उनकी जांच की तो उनमें से हाथ भट्टी की बनी कच्ची शराब की तीखी गंध आ रही थी।
जांच के बाद दोनों कट्टियों में करीब 30-30 लीटर, यानी कुल लगभग 60 लीटर कच्ची शराब भरी मिली। पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में शराब को विधिवत जब्त कर लिया।
लहान से भरे ड्रम भी मिले
पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके पर शराब बनाने की प्रक्रिया से जुड़ी सामग्री भी मिली। वहां लहान से भरे दो लोहे के ड्रम और एक एल्युमीनियम की परात बरामद हुई।
लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में लहान से भरे दोनों ड्रमों का मौके पर ही नियमानुसार विनष्टीकरण किया और उसका पंचनामा तैयार किया।
इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस को मौके पर केवल तैयार शराब ही नहीं, बल्कि कच्ची शराब तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ा सामान भी मिला था।
₹34 हजार की सामग्री जब्त
पुलिस ने मौके से दो सफेद प्लास्टिक की कट्टियों में भरी करीब 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब, दो लोहे के ड्रम और एल्युमीनियम की परात जब्त की है। जब्त माल की कुल कीमत करीब 34,000 रुपए बताई गई है।
अवैध शराब के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वालों में भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
आबकारी एक्ट के तहत FIR
मामले में बैराड़ थाना पुलिस ने फरार आरोपियों रन्नो और रोमित के खिलाफ अपराध क्रमांक 361/2026 दर्ज किया है। दोनों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों कब से अवैध शराब बनाने और बेचने का काम कर रहे थे तथा तैयार शराब को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस अधीक्षक के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत कार्रवाई
जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर. डी. प्रजापति और एसडीओपी पोहरी श्री आनंद राय के मार्गदर्शन में बैराड़ पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश शर्मा सहित सउनि हरिओम पाण्डेय, सउनि केदार सिंह और पुलिस बल की भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण और सुनसान इलाकों में छिपकर चलाए जा रहे अवैध शराब के ठिकानों पर भी पुलिस की नजर है। 60 लीटर तैयार कच्ची शराब की जब्ती और शराब बनाने वाले लहान का विनष्टीकरण कर पुलिस ने ठिकाने पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन अब असली चुनौती फरार दोनों आरोपियों को पकड़ना है।
पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अवैध शराब कारोबार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।