खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में सोशल मीडिया पर धार्मिक यात्रा से जुड़ी पोस्ट पर किए गए कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हो गया। कमेंट सामने आने के बाद नाराज लोगों की भीड़ करैरा थाने पहुंच गई और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान लोग पुलिस से कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने तक थाने से हटने को तैयार नहीं थे।
आखिरकार पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और स्थिति सामान्य हो गई।
धार्मिक यात्रा की पोस्ट पर कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले करैरा कस्बे से मां कैलादेवी, करौली के लिए धार्मिक यात्रा निकाली गई थी। यात्रा से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। आरोप है कि इसी पोस्ट पर करैरा निवासी आशीष गोयल ने ऐसा कमेंट किया, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई।
सोशल मीडिया पर कमेंट सामने आने के बाद इसकी जानकारी तेजी से लोगों के बीच पहुंची। इसके बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख रविवार को बड़ी संख्या में लोग करैरा थाने पहुंच गए।
महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थाने
रविवार को थाने के बाहर अचानक लोगों की भीड़ जुटने से पुलिस भी सक्रिय हो गई। प्रदर्शन में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना था कि सोशल मीडिया पर धार्मिक विषयों को लेकर इस तरह की टिप्पणी से समाज में नाराजगी पैदा हो सकती है, इसलिए मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। थाने के बाहर मौजूद भीड़ लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग करती रही।
डेढ़ घंटे तक चलता रहा प्रदर्शन
मामला केवल कुछ मिनटों के विरोध तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शनकारी करीब डेढ़ घंटे तक थाने के बाहर डटे रहे। पुलिस ने लोगों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम रहे।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के तहत कार्रवाई होगी। इसके बावजूद लोग एफआईआर दर्ज होने की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस की मौजूदगी भी बनी रही।
नरेंद्र साहू की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
लगातार प्रदर्शन के बाद पुलिस ने नरेंद्र साहू पुत्र स्वरूप नारायण साहू की शिकायत पर आरोपी आशीष गोयल निवासी करैरा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब पुलिस सोशल मीडिया पर किए गए कथित कमेंट, संबंधित पोस्ट और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करेगी। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
FIR होते ही खत्म हुआ प्रदर्शन
जिस मांग को लेकर लोग थाने पहुंचे थे, वह पूरी होने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही थाने के बाहर मौजूद लोग वापस लौट गए। इसके बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस अब पूरे मामले को जांच के नजरिए से आगे बढ़ा रही है। सोशल मीडिया पर किसी भी विवादित टिप्पणी के मामले में पुलिस संबंधित पोस्ट और कमेंट के रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बना सकती है।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी बनी विवाद की वजह
करैरा की यह घटना एक बार फिर बताती है कि सोशल मीडिया पर किसी धार्मिक, सामाजिक या संवेदनशील विषय को लेकर की गई टिप्पणी किस तरह विवाद का रूप ले सकती है। एक कमेंट से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते थाने के घेराव और प्रदर्शन तक पहुंच गया।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित कमेंट की वास्तविक प्रकृति क्या थी और उसमें कानून के तहत अपराध के सभी तत्व पाए जाते हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि सोशल मीडिया पर किसी भी विवादित सामग्री को लेकर कानून हाथ में न लें और शिकायत होने पर पुलिस के माध्यम से कार्रवाई की मांग करें।
फिलहाल करैरा में माहौल शांत है। एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदर्शन खत्म हो चुका है, लेकिन सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस जांच के दायरे में पहुंच गया है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।