शिवपुरी में 7 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल:अब कचरे के ढेर हटाने में जुटी नगर पालिका

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले सात दिनों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार सोमवार शाम खत्म हो गया। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद मंगलवार सुबह से ही नगर पालिका की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लाने की कवायद तेज कर दी गई। लंबे समय से जमा कचरे के ढेर अब नगर पालिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटते ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सफाई अभियान शुरू कराया गया।

एक सप्ताह तक सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थानों और कचरा संग्रहण वाले स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए थे। नियमित सफाई और कचरा उठाव नहीं होने के कारण कई जगह गंदगी का आलम दिखाई दे रहा था। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर पालिका का पूरा फोकस इन जमा कचरे को जल्द से जल्द हटाकर शहर को सामान्य स्थिति में लाने पर है।

सात दिन तक सफाई व्यवस्था रही प्रभावित

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा। सामान्य दिनों में जिन सड़कों और मोहल्लों में सुबह-सुबह सफाई कर्मचारी नजर आते थे, वहां पिछले सात दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।

कचरा उठाने वाले वाहनों का संचालन और नियमित सफाई प्रभावित होने के कारण कई स्थानों पर कचरे के ढेर बढ़ते चले गए। धीरे-धीरे यह समस्या शहर के अलग-अलग हिस्सों में नजर आने लगी।

स्थानीय नागरिकों को भी गंदगी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि नियमित सफाई नहीं होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जल्द समाधान की जरूरत है।

प्रशासन के आश्वासन के बाद बनी सहमति

सोमवार शाम सफाई कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनी। प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।

आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया और मंगलवार से सफाई कर्मचारी वापस अपने काम पर लौट आए।

हड़ताल खत्म होते ही नगर पालिका ने भी बिना समय गंवाए सफाई व्यवस्था को सामान्य करने की दिशा में काम शुरू कर दिया।

कचरे के ढेर बने पहली प्राथमिकता

मंगलवार सुबह से ही नगर पालिका के सफाई कर्मचारी उन इलाकों में पहुंचने लगे, जहां पिछले एक सप्ताह से कचरा जमा था।

कर्मचारियों द्वारा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे को एकत्रित किया जा रहा है। इसके बाद कचरे को वाहनों में भरकर डंपिंग साइट तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।

नगर पालिका के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि सात दिनों के दौरान अलग-अलग इलाकों में जमा हुए कचरे को जल्द से जल्द हटाया जाए। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों और सफाई अमले को अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया जा रहा है।

सिंधिया के दौरे के बीच सफाई पर विशेष जोर

इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के शिवपुरी दौरे के दूसरे दिन शहर में मौजूद रहने के कारण भी प्रशासन और नगर पालिका की सक्रियता दिखाई दे रही है। सिंधिया के दौरे के दौरान शहर की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क है। ऐसे में हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था को तेजी से सामान्य करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

शहर के प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और उन क्षेत्रों में सफाई अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था।

कई इलाकों में दिखाई दी सफाई की तेजी

मंगलवार को सफाई कर्मचारी हाथों में झाड़ू और अन्य सफाई उपकरण लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में काम करते दिखाई दिए। कहीं सड़क किनारे जमा कचरा हटाया गया तो कहीं कचरा वाहनों में भरकर ले जाया गया।

कई स्थानों पर कर्मचारियों ने एक साथ पहुंचकर बड़े कचरे के ढेर हटाने का काम शुरू किया। इससे शहर में धीरे-धीरे सफाई व्यवस्था सामान्य होती दिखाई देने लगी। हालांकि, सात दिनों तक लगातार जमा हुए कचरे को एक ही दिन में पूरी तरह हटाना आसान नहीं है। नगर पालिका को इसके लिए लगातार अभियान चलाना होगा।

सिर्फ कचरा हटाना ही नहीं, व्यवस्था नियमित करना भी चुनौती

हड़ताल समाप्त होने के बाद तत्काल राहत तो मिल गई है, लेकिन नगर पालिका के सामने अब असली चुनौती सफाई व्यवस्था को नियमित बनाए रखने की है।
एक सप्ताह तक प्रभावित रही व्यवस्था के कारण कई स्थानों पर अतिरिक्त कचरा जमा हो गया है। यदि इसे जल्द नहीं हटाया गया तो बारिश और उमस के मौसम में दुर्गंध तथा अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

इसलिए नगर पालिका के लिए जरूरी होगा कि जमा कचरे को हटाने के साथ-साथ नियमित कचरा संग्रहण और रोजाना सफाई व्यवस्था को भी पूरी तरह बहाल किया जाए।

नागरिकों को मिली राहत, अब व्यवस्था पर नजर

सफाई कर्मचारियों के वापस काम पर लौटने से शहर के नागरिकों को भी राहत मिली है। पिछले एक सप्ताह से गंदगी और कचरे की समस्या झेल रहे लोगों को अब उम्मीद है कि जल्द ही शहर पहले की तरह साफ नजर आएगा।

फिलहाल नगर पालिका का पूरा जोर कचरे के ढेर हटाने, प्रमुख मार्गों की सफाई और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ करने पर है

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर एक सप्ताह से चला आ रहा संकट तो टल गया है, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को लेकर दिए गए सात दिन के जांच और कार्रवाई के आश्वासन को किस तरह पूरा करता है और आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था कितनी प्रभावी तरीके से नियमित हो पाती है।

फिलहाल सात दिन की गंदगी के बाद शिवपुरी में सफाई अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है और नगर पालिका का अमला शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाने में जुट गया है।
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