खबर:शिवपुरी जिले के कोलारस में नगर परिषद की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद कार्यालय परिसर से सरकारी कचरा उठाने वाली टाटा ट्रिपर गाड़ी कथित तौर पर चोरी हो गई और देखते ही देखते शहर से बाहर निकलकर पूरनखेड़ी टोल प्लाजा तक पहुंच गई। मामले की जानकारी मिलते ही नगर परिषद के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। गाड़ी की तलाश शुरू की गई तो उसके रात में रेलवे स्टेशन रोड की ओर जाने के संकेत। मिले इसके बाद पूरनखेड़ी टोल प्लाजा के CCTV फुटेज में भी वही सरकारी वाहन गुजरता दिखाई दिया।
मामले में नगर परिषद की ओर से कोलारस थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने, चोरी हुई सरकारी गाड़ी की तलाश करने और उसे बरामद करने की मांग की गई है। टोल प्लाजा के CCTV फुटेज में वाहन को ले जाता हुआ एक संदिग्ध भी नजर आने की बात सामने आई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नगर परिषद परिसर से सरकारी वाहन किसने निकाला और उसे इतनी तेजी से कोलारस से बाहर ले जाने के पीछे क्या मंशा थी?
रात 9:30 बजे कार्यालय परिसर से गायब हुआ ट्रिपर
जानकारी के अनुसार नगर परिषद कोलारस की कचरा उठाने वाली टाटा ट्रिपर क्रमांक MP33L2598 31 अगस्त की रात नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ी थी।
बताया गया है कि रात करीब 9:30 बजे यह सरकारी वाहन कार्यालय परिसर के नीचे से गायब हो गया। जब कर्मचारियों को वाहन के मौके पर नहीं होने की जानकारी मिली तो उन्होंने पहले आसपास तलाश की। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि संभवतः कोई कर्मचारी या चालक वाहन को किसी दूसरे स्थान पर ले गया होगा, लेकिन जब इसकी पुष्टि नहीं हुई तो मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने गाड़ी के संभावित रास्तों पर जानकारी जुटाना शुरू किया।
स्टेशन रोड की तरफ जाती दिखाई दी गाड़ी
नगर परिषद की ओर से पुलिस को दिए गए पत्र में बताया गया है कि रात करीब 9:40 बजे चोरी हुई सरकारी कचरा गाड़ी रेलवे स्टेशन रोड की तरफ जाती हुई दिखाई दी थी।
महज कुछ मिनट में वाहन के कार्यालय परिसर से निकलकर स्टेशन रोड की तरफ पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद कर्मचारियों को संदेह हुआ कि गाड़ी को जानबूझकर बाहर ले जाया गया है। इसके बाद कर्मचारियों ने गाड़ी की तलाश आगे बढ़ाई तो मामला और चौंकाने वाला सामने आया।
पूरनखेड़ी टोल प्लाजा तक पहुंच गया सरकारी ट्रिपर
नगर परिषद के अनुसार रात करीब 10 बजे एक कर्मचारी ने इसी टाटा ट्रिपर को पूरनखेड़ी टोल प्लाजा से गुजरते हुए देखा। यानी कार्यालय परिसर से गायब होने के कुछ ही समय बाद सरकारी कचरा गाड़ी कोलारस से आगे निकल चुकी थी। टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज में भी वाहन के गुजरने की जानकारी सामने आई है।
यह बात सामने आने के बाद नगर परिषद कर्मचारियों ने राहत की सांस लेने के बजाय मामले को लेकर और गंभीरता दिखाई, क्योंकि अब वाहन के शहर से बाहर जाने के संकेत मिल चुके थे।
CCTV में संदिग्ध कैद, पुलिस के लिए अहम सुराग
पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों में सरकारी कचरा वाहन के गुजरने की फुटेज सामने आई है। बताया जा रहा है कि फुटेज में वाहन को ले जाता हुआ एक संदिग्ध व्यक्ति भी नजर आया है। अब यही CCTV फुटेज पुलिस की जांच का अहम आधार बन सकता है। पुलिस वाहन के टोल से गुजरने के समय, उसके आगे-पीछे चल रहे वाहनों और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान से जुड़े सुराग जुटा सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि वाहन टोल प्लाजा के बाद किस दिशा में गया और आगे किन रास्तों से गुजर सकता है।
सरकारी वाहन की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने नगर परिषद के सरकारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस वाहन का इस्तेमाल शहर से कचरा उठाने जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य में किया जाता है, वह कार्यालय परिसर से कथित तौर पर गायब हो गया।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि नगर परिषद परिसर में खड़े सरकारी वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या रात के समय कार्यालय परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी? वाहन की चाबी कहां थी और उसे परिसर से बाहर ले जाने वाला व्यक्ति कौन था?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।
CMO ने थाना प्रभारी को भेजा पत्र
घटना के बाद नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने कोलारस थाना प्रभारी को लिखित पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और चोरी हुई सरकारी कचरा गाड़ी को तलाशकर बरामद करने की मांग की गई है।
नगर परिषद की शिकायत के आधार पर अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस CCTV फुटेज खंगालने के साथ-साथ वाहन के संभावित रूट की जानकारी जुटा रही है।
आखिर सरकारी ट्रिपर को कहां ले जाना था?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वाहन चोरी किया गया तो उसे इतनी तेजी से पूरनखेड़ी टोल प्लाजा तक क्यों और कहां ले जाया जा रहा था?
क्या आरोपी पहले से वाहन को बाहर ले जाने की तैयारी में था? क्या उसे पता था कि वाहन किस तरह आसानी से कार्यालय परिसर से निकाला जा सकता है? क्या इस घटना में एक से ज्यादा लोग शामिल हैं? और क्या वाहन को कहीं छिपाने या दूसरे स्थान पर ले जाने की योजना थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
अब पुलिस की जांच पर टिकी नजर
नगर परिषद की सरकारी कचरा गाड़ी की कथित चोरी का यह मामला सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच पर सभी की नजर है। CCTV फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और वाहन के संभावित रूट पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं। फिलहाल नगर परिषद ने स्पष्ट रूप से FIR दर्ज कर सरकारी वाहन बरामद करने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस CCTV में दिखाई दे रहे संदिग्ध तक कब पहुंचती है और नगर परिषद की सरकारी कचरा गाड़ी को कहां से बरामद किया जाता है।
एक सरकारी वाहन का कार्यालय परिसर से गायब होना और कुछ ही मिनटों में टोल प्लाजा तक पहुंच जाना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है। अब जांच के बाद ही सामने आएगा कि यह महज वाहन चोरी की घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई थी।