स्कूल में अचानक निकला 7 फीट लंबा सांप:मचा हड़कंप: सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर: शिवपुरी जिले के बदरवास जनपद क्षेत्र के धामनटूक गांव स्थित सरकारी माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल परिसर में करीब 7 फीट लंबा सांप दिखाई दिया। जिस वक्त सांप नजर आया, उस समय विद्यालय में कक्षाएं चल रही थीं और छात्र पढ़ाई में व्यस्त थे। अचानक स्कूल परिसर में इतने बड़े सांप को देखकर छात्रों और शिक्षकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

सांप को देखते ही कुछ छात्रों ने शोर मचाया, जिसके बाद शिक्षकों ने तुरंत स्थिति को संभाला और बच्चों को सांप से दूर रहने के लिए कहा। शिक्षकों की सतर्कता के चलते किसी भी छात्र को सांप के पास जाने नहीं दिया गया। इसके बाद सांप को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए स्थानीय सर्प मित्र से संपर्क किया गया।

स्कूल में सांप दिखते ही मचा हड़कंप

मंगलवार को रोज की तरह धामनटूक के सरकारी माध्यमिक विद्यालय में कक्षाएं संचालित हो रही थीं। शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में व्यस्त थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में अचानक एक लंबा सांप दिखाई दिया।

पहले तो कुछ लोगों को सांप की लंबाई का अंदाजा नहीं लगा, लेकिन जैसे-जैसे वह नजर आया, छात्रों और शिक्षकों को पता चला कि सांप काफी बड़ा है। करीब 7 फीट लंबे सांप को देखकर स्कूल में मौजूद लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।

कुछ ही देर में सांप को देखने के लिए हलचल बढ़ने लगी। हालांकि शिक्षकों ने समझदारी दिखाते हुए बच्चों को सांप के नजदीक जाने से रोक दिया। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल बदरवास निवासी सर्प मित्र विश्वास कुशवाह को सूचना दी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सर्प मित्र

स्कूल से सांप निकलने की सूचना मिलने के बाद सर्प मित्र विश्वास कुशवाह मौके पर पहुंचे। स्कूल परिसर में सांप की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की।

सांप को पकड़ना आसान नहीं था। सर्प मित्र को काफी प्रयास करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद स्कूल में मौजूद छात्रों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के दौरान बच्चों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

सांप पकड़ते ही बच्चों ने ली राहत की सांस

जिस सांप को देखकर कुछ समय पहले तक स्कूल में डर और अफरा-तफरी का माहौल था, उसके सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। शिक्षकों ने भी राहत महसूस की।

छात्रों के बीच भी सांप को लेकर काफी चर्चा रही। कई बच्चे उत्सुकता के कारण सांप को देखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्कूल स्टाफ ने उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी।

सर्प मित्र ने सांप को पकड़ने के बाद उसे स्कूल परिसर से दूर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया।

जंगल में छोड़ा गया सांप

सर्प मित्र विश्वास कुशवाह ने बताया कि सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया है। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक वातावरण में जंगल के क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

इससे सांप को भी नुकसान नहीं पहुंचा और स्कूल में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो गई।

बड़ा सवाल—स्कूल परिसर में कैसे पहुंचा इतना लंबा सांप?

स्कूल परिसर में करीब 7 फीट लंबा सांप मिलने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर सांप विद्यालय परिसर तक कैसे पहुंचा। ग्रामीण और स्कूल से जुड़े लोग इसे आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र से जुड़ा मामला मान रहे हैं। हालांकि सांप के स्कूल परिसर में आने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है।

ग्रामीण इलाकों में खेतों, झाड़ियों और खुले स्थानों के आसपास सांप दिखाई देना कोई असामान्य बात नहीं है। बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान कई बार सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों या भवनों में भी पहुंच जाते हैं।

ऐसे में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

समय रहते हुई सूचना, टला खतरा

इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि सांप दिखाई देने के बाद शिक्षकों ने लापरवाही नहीं बरती और तत्काल सर्प मित्र को सूचना दी। यदि कोई बच्चा उत्सुकता में सांप के पास पहुंच जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

शिक्षकों की सतर्कता और सर्प मित्र के समय पर पहुंचने के कारण सांप को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले

स्कूल परिसर में सांप मिलने की घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में आसपास की झाड़ियों और खुले स्थानों की नियमित सफाई कितनी जरूरी है। खासकर बारिश के मौसम के बाद स्कूल परिसरों में ऐसे जीव-जंतुओं के पहुंचने की संभावना बनी रहती है।

फिलहाल 7 फीट लंबे सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्कूल में स्थिति सामान्य है। सांप को जंगल में छोड़ दिया गया है और छात्रों व शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। घटना के बाद पूरे गांव में भी दिनभर इसी सांप की चर्चा बनी रही।
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