मेडिकल कॉलेज के सामने 50-60 करोड़ की शासकीय जमीन अतिक्रमण मुक्त:प्रशासन ने हटाईं वर्षों पुरानी दुकानें

Nikk Pandit
0
खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर में शासकीय जमीनों पर लंबे समय से जमे अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित शासकीय भूमि पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटाते हुए जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। प्रशासन के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 से 60 करोड़ रुपये है।

यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने की। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों और स्टॉलों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और नगर पालिका का अमला मौके पर मौजूद रहा।

सर्वे नंबर 256 की जमीन पर था अतिक्रमण

प्रशासन के मुताबिक तहसील शिवपुरी के ग्राम नोहरीखुर्द स्थित सर्वे नंबर 256 का कुल रकबा 6.3970 हेक्टेयर है। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि शासकीय दर्ज है। इसमें से 4.3000 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा महाविद्यालय के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जा चुकी है।

इसके बाद बची शासकीय भूमि के एक हिस्से पर दुकानों और स्टॉलों के माध्यम से अतिक्रमण किए जाने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन का कहना है कि इन दुकानों एवं स्टॉलों से कथित तौर पर 2 से 3 लाख रुपये प्रतिमाह तक किराया वसूला जा रहा था।

पहले नोटिस, फिर बेदखली की कार्रवाई

प्रशासन ने बताया कि हल्का पटवारी की अतिक्रमण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे।

अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें 7 दिन का नोटिस भी जारी किया गया था।

निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद प्रशासन द्वारा नियमानुसार अर्थदंड लगाया गया और बेदखली आदेश पारित किए गए। इसके बाद मंगलवार को प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

कार्रवाई के दौरान दुकानों और अस्थाई स्टॉलों को हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से मौके पर काफी देर तक हलचल बनी रही।

नगर पालिका की टीम भी रही मुस्तैद

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में नगर पालिका परिषद शिवपुरी की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर के मार्गदर्शन में नगर पालिका का अमला आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर मौजूद रहा।

अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण सामग्री और अन्य सामान को व्यवस्थित तरीके से हटाने तथा मौके की सफाई कराने का काम भी नगर पालिका टीम द्वारा किया गया। साथ ही सड़क और आसपास के क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम किया गया।

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित स्थान पर दोबारा अस्थाई दुकान, स्टॉल या किसी अन्य तरह का अवैध निर्माण खड़ा न हो।
भारी पुलिस बल रहा तैनात

कार्रवाई को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। एसडीएम आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व में तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा सहित राजस्व विभाग का अमला मौजूद रहा।

पुलिस विभाग की ओर से एसडीओपी शिवपुरी सचिन धुर्वे, एसडीओपी कोलारस संजय मिश्रा, एसडीओपी करैरा विनायक शुक्ला सहित कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे, फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश सिंह राठौड़, अजाक थाना प्रभारी रणजीत सिंह रघुवंशी, महिला थाना प्रभारी सोनम रघुवंशी और बम्हारी थाना प्रभारी सुनील राजपूत सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

50-60 करोड़ की जमीन होने का प्रशासन का दावा
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह रही कि प्रशासन के अनुसार जिस शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, उसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 से 60 करोड़ रुपये है। ऐसे में वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई को प्रशासन की ओर से शासकीय संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

वहीं, यह मामला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान के सामने शासकीय भूमि पर लंबे समय से दुकानें और स्टॉल संचालित हो रहे थे।
अब दोबारा कब्जा हुआ तो कार्रवाई

अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस जमीन को दोबारा कब्जे से बचाने की होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्तियों और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने कहा है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यदि किसी शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण या कब्जा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के सामने करोड़ों की शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटने के बाद अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि मुक्त कराई गई जमीन का वास्तविक और व्यवस्थित उपयोग किस तरह किया जाता है और भविष्य में यहां दोबारा अतिक्रमण न हो।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)