शिवपुरी में जनसमस्याओं को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक:मचा हड़कंप

Nikk Pandit
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पटवारी की नियमित उपस्थिति, गौचर भूमि से कब्जा हटाने और सड़क चौड़ी कराने की मांग; रात 8 बजे तक टावर पर डटा रहा युवक

खबर:शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत दुल्हई में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 34 वर्षीय युवक ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक का कहना था कि गांव की मूलभूत और राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने से अब उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मोबाइल टावर पर चढ़े युवक की पहचान गुलशन राजपूत के रूप में हुई है। युवक ने गांव में पटवारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, गौचर भूमि पर किए गए कथित कब्जों को हटाने और मुख्य सड़क से दुल्हई गांव तक आने-जाने वाले रास्ते की समस्या दूर करने की मांग उठाई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहीं सूचना मिलने पर भौंती थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया।

शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप

मोबाइल टावर पर चढ़े गुलशन राजपूत का आरोप है कि दुल्हई गांव में पटवारी की नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को अपनी जमीन, सीमांकन, नामांतरण सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

युवक का कहना था कि गांव की इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत और मांग रखी गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते उसने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने का फैसला किया।

गौचर भूमि पर कब्जे का भी आरोप

गुलशन राजपूत ने गांव की गौचर भूमि को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उसका आरोप है कि दुल्हई गांव में गौचर भूमि के कुछ हिस्सों पर लोगों द्वारा कब्जा किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गौचर भूमि गांव के मवेशियों के लिए महत्वपूर्ण होती है और इस जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण होने से ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी होती है।

युवक ने प्रशासन से मांग की कि गांव की गौचर भूमि का राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर स्थिति की जांच कराई जाए तथा यदि कहीं अवैध कब्जा या अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। युवक का कहना था कि जब तक ग्रामीणों की इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा।

संकरी सड़क बनी ग्रामीणों के लिए परेशानी

दुल्हई गांव तक पहुंचने वाली सड़क को लेकर भी युवक ने अपनी नाराजगी जाहिर की। गुलशन के मुताबिक, मुख्य सड़क से गांव तक जाने वाला रास्ता कई स्थानों पर संकरा हो गया है। सड़क के किनारे कुछ लोगों द्वारा बाड़ और अन्य तरह की बाधाएं लगाए जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है।

युवक की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा ले और जहां रास्ता संकरा हुआ है, वहां आवश्यक कार्रवाई कर सड़क को चौड़ा कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता संकरा होने से सामान्य आवागमन के साथ-साथ बड़े वाहनों, कृषि कार्यों और आपात स्थिति में आने-जाने वाले वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मौके पर जुटी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा

युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर किसी की नजर टावर पर बैठे गुलशन पर थी।

सूचना मिलने के बाद भौंती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने युवक से बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। पुलिस लगातार युवक को सुरक्षित नीचे आने के लिए कहती रही, लेकिन गुलशन अपनी मांगों को लेकर टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था।

रात 8 बजे तक टावर पर रहा युवक

बताया गया कि सोमवार रात करीब 8 बजे तक गुलशन राजपूत मोबाइल टावर पर ही मौजूद रहा। पुलिस की ओर से लगातार उसे समझाने का प्रयास किया जाता रहा। मौके पर मौजूद ग्रामीण भी युवक से नीचे उतरने की अपील करते नजर आए।

घटना के कारण गांव में काफी देर तक तनाव और असमंजस की स्थिति बनी रही। पुलिस का प्रयास था कि युवक को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे उतारा जाए। वहीं युवक अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने पर अड़ा रहा।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

दुल्हई की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व, अतिक्रमण और सड़क जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं की जांच कराकर क्या कार्रवाई करता है।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति देखें और जिन शिकायतों को लेकर लंबे समय से परेशानी बताई जा रही है, उनका नियमानुसार समाधान कराया जाए। खास तौर पर पटवारी की नियमित उपस्थिति, गौचर भूमि की जांच और सड़क से जुड़ी समस्या पर कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है।

फिलहाल मोबाइल टावर पर चढ़े युवक की घटना ने गांव में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

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