खुशबु शर्मा :खबर शिवपुरी जिले में अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शराब के अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के जरिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सख्त तेवर दिखाते हुए पूरे जिले में विशेष सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासनिक और आबकारी अमला संभावित अवैध शराब के ठिकानों पर नजर रखने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में जांच और निरीक्षण की कार्रवाई तेज करेगा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जनस्वास्थ्य और
जनसुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर जहरीली या हानिकारक शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े मामलों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर वर्मा ने दिए जिलेभर में सघन जांच के निर्देश
जिले में अवैध शराब की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने शिवपुरी, कोलारस, पोहरी, करैरा और पिछोर सहित सभी संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला आबकारी अधिकारी को भी अपने क्षेत्र में लगातार कार्रवाई और निरीक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन की नजर अब उन स्थानों पर विशेष रूप से रहेगी, जहां अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की आशंका हो सकती है। अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ढाबे, संदिग्ध दुकानें और सुनसान ठिकाने रडार पर
अभियान के तहत केवल शराब दुकानों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। प्रशासन ने ढाबों, संदिग्ध दुकानों, अवैध शराब निर्माण के संभावित स्थानों, भंडारण स्थलों और अन्य संदिग्ध परिसरों पर भी लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, अवैध शराब का कारोबार अक्सर मुख्य
बाजारों से दूर या ऐसे स्थानों पर संचालित किए जाने की आशंका रहती है, जहां आसानी से प्रशासन की नजर नहीं पहुंचती। ऐसे में कलेक्टर के निर्देश पर अब संवेदनशील क्षेत्रों में जांच का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाएं और संदेह की स्थिति में नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई करें।
‘जिंदगी से खिलवाड़’ करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
अवैध शराब का कारोबार केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। जहरीली या मिलावटी शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने के साथ अप्रिय घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण अथवा बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय, लापरवाही पर गिरेगी गाज
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने केवल अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई के निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि संबंधित अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाने की ताकीद की है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि संबंधित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई में लापरवाही बरतते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
इससे साफ है कि प्रशासन इस अभियान को महज औपचारिक जांच तक सीमित रखने के मूड में नहीं है, बल्कि जिलेभर में निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
हर क्षेत्र में बढ़ेगी निगरानी
कलेक्टर के निर्देश के बाद अब संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करें। अवैध शराब के संभावित ठिकानों की जानकारी मिलने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शराब के अवैध निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने पर जोर रहेगा। ऐसे स्थान जहां अवैध रूप से शराब तैयार किए जाने या छिपाकर रखे जाने की आशंका रहती है, वहां जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के निर्देशों के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य जनस्वास्थ्य और जनसुरक्षा की रक्षा करना है। प्रशासन का मानना है कि अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई से न केवल गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि संभावित अप्रिय घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।
प्रशासन की ओर से लोगों से भी अपील की जा सकती है कि वे अवैध शराब के निर्माण या बिक्री जैसी गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभाग अथवा प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अब अवैध शराब के खिलाफ ‘एक्शन मोड’ में प्रशासन
कुल मिलाकर कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के निर्देश के बाद शिवपुरी जिले में अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ प्रशासन का रुख पहले से ज्यादा सख्त दिखाई दे रहा है। संवेदनशील इलाके, ढाबे, संदिग्ध दुकानें और संभावित अवैध ठिकाने अब जांच के दायरे में होंगे।
प्रशासन का संदेश साफ है—शराब का अवैध कारोबार करने वालों के लिए अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। निर्माण से लेकर भंडारण, परिवहन और बिक्री तक यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को जनस्वास्थ्य एवं जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत जांच और कार्रवाई का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।