कोलारस में कृषि विभाग के दफ्तरों का औचक निरीक्षण:दो कर्मचारी मिले गायब

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए कृषि विभाग ने भी निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को उप संचालक कृषि श्री मुनेश कुमार शाक्य ने कोलारस विकासखंड में कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यालयों और केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे अधिकारी को देखकर विभागीय अमले में हलचल मच गई।

उप संचालक कृषि ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय कोलारस, मृदा लैब और खाद भंडारण केंद्र का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय के दो कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं।

वहीं, खाद भंडारण केंद्र पर उपलब्ध उर्वरकों का अधिकारियों ने मौके पर ही भौतिक सत्यापन किया। गोदाम में विभिन्न प्रकार की खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिली।

अचानक निरीक्षण से विभाग में मचा हड़कंप

कृषि विभाग के उप संचालक मुनेश कुमार शाक्य शुक्रवार को कोलारस पहुंचे और बिना पूर्व सूचना के संबंधित कार्यालयों का निरीक्षण शुरू किया। औचक निरीक्षण का उद्देश्य कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति, किसानों से जुड़े कामकाज, खाद की उपलब्धता और विभागीय व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखना था।

सबसे पहले वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। यहां उपस्थिति की जांच के दौरान दो कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। अधिकारियों ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की।

विभाग की इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और जिम्मेदारी के साथ काम करना अनिवार्य है।

खाद गोदाम में 206 मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक उपलब्ध

निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि ने खाद भंडारण केंद्र कोलारस में उपलब्ध उर्वरकों का भौतिक सत्यापन भी कराया। गोदाम में रखे स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान किया गया।

निरीक्षण के दौरान उपलब्धता इस प्रकार पाई गई—
यूरिया — 30 मीट्रिक टन
डीएपी — 46 मीट्रिक टन
एनपीके — 109 मीट्रिक टन
एसएसपी — 15 मीट्रिक टन
एमओपी — 6 मीट्रिक टन
इस तरह खाद भंडारण केंद्र में कुल 206 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध पाया गया।

उप संचालक कृषि ने खाद के स्टॉक का मौके पर निरीक्षण करने के साथ रिकॉर्ड व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने गोदाम प्रबंधक को निर्देश दिए कि खाद से संबंधित सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित और अद्यतन रखे जाएं, ताकि स्टॉक की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहे।

रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं, साफ-सफाई पर भी जोर

निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि ने खाद गोदाम प्रबंधक को स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों से संबंधित सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखे जाएं। किसानों को खाद वितरण से संबंधित जानकारी भी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए।

इसके साथ ही कार्यालय और खाद गोदाम परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े विभागीय केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण होना जरूरी है।
निरीक्षण का उद्देश्य केवल खाद की उपलब्धता देखना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि किसानों को खाद प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति भी देखी

कार्यालयों और खाद भंडारण केंद्र के निरीक्षण के बाद उप संचालक कृषि ने कोलारस विकासखंड क्षेत्र में फसलों की वर्तमान स्थिति का भी अवलोकन किया।

उन्होंने खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति, कृषि गतिविधियों और किसानों से जुड़े विषयों की जानकारी ली। वर्तमान कृषि सीजन को देखते हुए किसानों की आवश्यकताओं और विभागीय व्यवस्थाओं पर भी नजर रखी गई।

कृषि विभाग के अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि किसानों को समय पर खाद सहित आवश्यक कृषि सुविधाएं मिल सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे।

किसानों के लिए बड़ी अपील—खसरा नंबर फार्मर आईडी से जोड़ें

निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य ने जिले के किसानों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी कृषि भूमि के सभी खसरा नंबरों को फार्मर आईडी से अनिवार्य रूप से जुड़वाएं।

उन्होंने बताया कि भविष्य में उर्वरक यानी खाद उठाव के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए भूमि से संबंधित खसरा नंबरों का फार्मर आईडी से जुड़ा होना जरूरी है।

किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी भूमि के सभी खसरा नंबर फार्मर आईडी से लिंक करा लें, ताकि खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी तरह की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन के निर्देश पर विभागीय व्यवस्था की पड़ताल
यह पूरा निरीक्षण मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल एवं कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार किया गया।

औचक निरीक्षण के दौरान एक ओर जहां खाद का पर्याप्त स्टॉक मिला, वहीं दूसरी ओर दो कर्मचारियों की बिना सूचना अनुपस्थिति सामने आने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। इससे विभागीय कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश गया है।

किसानों की सुविधा पर फोकस, लापरवाही पर कार्रवाई का संकेत

कोलारस में हुए इस औचक निरीक्षण ने विभागीय कामकाज की तस्वीर सामने रख दी है। खाद गोदाम में जहां यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी का स्टॉक उपलब्ध मिला, वहीं कार्यालय में बिना सूचना अनुपस्थित मिले दो कर्मचारियों पर कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई की गई।

अब विभाग की नजर किसानों को खाद की उपलब्धता, रिकॉर्ड की पारदर्शिता और कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति पर रहेगी। उप संचालक कृषि के औचक निरीक्षण से एक बात साफ है—किसानों से जुड़े काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और विभागीय व्यवस्थाओं को जमीन पर परखने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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