खुशबू शर्मा खबर:आमजन से जुड़े राजस्व मामलों के समय पर निराकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशन में शुक्रवार को बैराड़ तहसील सभागार में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पोहरी श्री जेपी गुप्ता ने समस्त पटवारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई और अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
बैठक में बैराड़ तहसीलदार श्री द्रगपाल सिंह बैश भी विशेष रूप से मौजूद रहे। एसडीएम ने पटवारियों से उनके क्षेत्र में चल रहे राजस्व कार्यों की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
राजस्व मामलों में देरी पर एसडीएम सख्त
समीक्षा बैठक के दौरान एसडीएम जेपी गुप्ता ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकांश कार्य सीधे आमजन की जमीन, स्वामित्व और सरकारी योजनाओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में किसी प्रकरण के अनावश्यक रूप से लंबित रहने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सभी पटवारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और भूमि आवंटन जैसे मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि प्रकरणों में अनावश्यक आपत्तियों या प्रक्रिया संबंधी देरी के कारण आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एसडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा किसी भी प्रकार की कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नामांतरण-बंटवारा से लेकर सीमांकन तक की समीक्षा
बैठक में एसडीएम ने एक-एक कर विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इसमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भूमि आवंटन सहित अन्य लंबित प्रकरण शामिल रहे।
इसके अलावा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। एसडीएम ने कहा कि लोक सेवा गारंटी के तहत निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए और पात्र नागरिकों को सेवाओं के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही किसानों से संबंधित पीएम किसान सम्मान निधि और विभिन्न मामलों में राहत राशि से जुड़े लंबित प्रकरणों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर भी एसडीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। विशेष रूप से L-3 स्तर की शिकायतों और 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।
एसडीएम ने सभी पटवारियों को इन शिकायतों के निराकरण के लिए आगामी तीन दिवस का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए मौके पर उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की जाए, ताकि शिकायत दोबारा उच्च स्तर पर लंबित न हो।
आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगवाएं
एसडीएम जेपी गुप्ता ने बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता रखी जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपनी जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों के लिए सरकारी कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में उनकी समस्या का समाधान निर्धारित समय-सीमा में करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों को शासकीय सुविधाओं और योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सभी स्तर पर समन्वय बनाकर काम किया जाए।
एसडीएम ने कहा कि किसी भी प्रकरण में यदि दस्तावेज या अन्य जानकारी की कमी है तो संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जाए, ताकि वह आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सके और प्रकरण बेवजह लंबित न रहे।
किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता
बैठक में किसानों से संबंधित मामलों पर भी विशेष जोर दिया गया। फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान सम्मान निधि और राहत राशि जैसे कार्य सीधे किसानों के हित से जुड़े हैं। एसडीएम ने इन प्रकरणों के समय पर निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी केवल रिकॉर्ड अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि पात्र किसान और आम नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।
तीन दिन की समय-सीमा, अब होगी प्रगति की समीक्षा
सीएम हेल्पलाइन की पुरानी और L-3 स्तर की शिकायतों को लेकर तीन दिन की समय-सीमा दिए जाने के बाद अब संबंधित पटवारियों को निर्धारित अवधि में शिकायतों का समाधान करना होगा। इसके बाद इन मामलों की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है।
प्रशासन का फोकस लंबित मामलों को कम करने और राजस्व विभाग की सेवाओं को अधिक जवाबदेह बनाने पर है। बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि अब लंबित प्रकरणों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
एसडीएम का साफ संदेश—काम में देरी नहीं चलेगी
बैराड़ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान एसडीएम जेपी गुप्ता ने राजस्व अमले को स्पष्ट संदेश दिया कि आमजन से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनावश्यक देरी की कोई गुंजाइश नहीं है।
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भूमि आवंटन, लोक सेवा गारंटी, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान और राहत राशि जैसे मामलों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सीएम हेल्पलाइन की L-3 और 100 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों के लिए तीन दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अब देखना यह होगा कि बैठक में दिए गए इन सख्त निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है और लंबे समय से लंबित मामलों को कितनी तेजी से निपटाया जाता है।