खुशबू शर्मा खबर:पिछोर नगर में नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। शहर के होटल, रेस्टोरेंट, चाट-चौपाटी, चाय-नाश्ते की दुकानों और ठेलों पर कथित तौर पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की जगह लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि गैस सिलेंडर का इस्तेमाल ऐसे स्थानों पर किया जा रहा है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। बाजार, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यदि गैस रिसाव या सिलेंडर से जुड़ी कोई तकनीकी खराबी सामने आती है तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
लाल सिलेंडर से चल रहे होटल और ठेले
नगर में कई छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू उपयोग के लाल रंग वाले गैस सिलेंडर नजर आने की बात सामने आई है। होटल और रेस्टोरेंट में लगातार कई घंटे तक खाना पकाने के लिए गैस का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि चाट, पकौड़ी, चाय और नाश्ते के ठेलों पर भी सिलेंडर लगातार जलते रहते हैं।
नियमों के अनुसार व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित श्रेणी के गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके बावजूद यदि घरेलू कनेक्शन वाले सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है तो यह नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जाएगा।
घरेलू सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का भी आरोप
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने आरोप लगाया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल के पीछे केवल नियमों की अनदेखी ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर कालाबाजारी का नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। आरोप है कि कुछ उपभोक्ता या बिचौलिये घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त करने के बाद उन्हें जरूरतमंद होटल संचालकों और दुकानदारों को अधिक कीमत पर बेच देते हैं।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन यदि ऐसा कोई नेटवर्क सक्रिय पाया जाता है तो यह घरेलू उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला होगा। इससे वास्तविक घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर परेशानी होने की आशंका भी बनी रहती है।
सस्ते के चक्कर में सुरक्षा से समझौता!
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के पीछे कारोबारी सस्ते विकल्प का सहारा लेते हैं या नहीं, यह जांच का विषय है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल लोगों की सुरक्षा का है। होटल और चाट-नाश्ते की दुकानों में गैस का इस्तेमाल लंबे समय तक और लगातार किया जाता है। इसके आसपास गर्म तेल, चूल्हे और ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद रहती है।
ऐसे में गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप या चूल्हे में किसी तरह की खराबी होने पर आग तेजी से फैल सकती है। यदि प्रतिष्ठान भीड़भाड़ वाले बाजार में स्थित है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। यही कारण है कि गैस के व्यावसायिक इस्तेमाल में सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
बस स्टैंड और मुख्य बाजार में खतरा ज्यादा
नगर के बस स्टैंड, मुख्य बाजार और लाला खेड़ी के आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दुकानें और खाने-पीने के ठेले संचालित होते हैं। इन स्थानों पर दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि किसी दुकान में गैस सिलेंडर से जुड़ी घटना होती है तो उसका असर केवल दुकान तक सीमित रहने के बजाय आसपास मौजूद लोगों तक पहुंच सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को केवल शिकायत आने का इंतजार करने के बजाय ऐसे प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। दुकानों में इस्तेमाल किए जा रहे सिलेंडरों की जांच, कनेक्शन का सत्यापन और गैस सुरक्षा से जुड़े मानकों की पड़ताल की जानी चाहिए।
जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल
घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल की खबरों के बीच अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि बाजार में खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल हो रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? क्या नियमित रूप से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है? यदि जांच होती है तो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नजर नहीं आती?
इन सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा।
अधिकारी बोले—जांच कर होगी कार्रवाई
मामले को लेकर सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी पिछोर संदीप पांडेय ने कहा कि यदि नगर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है तो यह पूरी तरह गलत और नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि मामले की तुरंत जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा जांच में क्या निकलता है
घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग का यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सवाल भी उठेगा कि इतने समय से यह गतिविधि कैसे चलती रही।
अब निगाहें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या विभाग केवल कुछ दुकानों की औपचारिक जांच करेगा या फिर गैस एजेंसियों से लेकर होटल संचालकों और बिचौलियों तक पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी? जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल बाजार में लाल सिलेंडरों के खुलेआम इस्तेमाल की चर्चाओं ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।