खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने गांव के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग उठाई तो किसी ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए उसे मुक्त कराने की गुहार लगाई। वहीं, स्कूल के खेल मैदान पर तारफेंसिंग कर कब्जा किए जाने और पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर कथित अनियमितताओं की शिकायतें भी अधिकारियों के सामने रखी गईं।
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने संबंधित मामलों में जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। शिकायतों के सामने आने के बाद अब संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
इंदार में शराब दुकान हटाने को लेकर महिलाओं का विरोध
जनसुनवाई में कोलारस क्षेत्र के इंदार गांव की आदिवासी महिलाएं शराब दुकान हटाने की मांग लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने अधिकारियों को बताया कि गांव में संचालित शराब दुकान हायर सेकेंडरी स्कूल, लालमाई माता मंदिर और आदिवासी बस्ती के नजदीक स्थित है।
महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर स्कूल और बस्ती के आसपास शराब दुकान होने को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई।
महिलाओं ने बताया कि इससे पहले 11 सितंबर को भी उन्होंने शराब दुकान के खिलाफ विरोध जताया था। उस समय अधिकारियों की ओर से 15 दिन के भीतर दुकान हटाने का भरोसा दिए जाने की बात महिलाओं ने कही, लेकिन उनका आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद दुकान को हटाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद महिलाओं ने एक बार फिर जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और शराब दुकान हटाने की मांग की।
शांतिधाम की जमीन से भी अतिक्रमण हटाने की मांग
इंदार से पहुंची महिलाओं ने शराब दुकान के साथ-साथ शांतिधाम की सर्वे नंबर 1559, 1560 और 1562 की जमीन को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित भूमि की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि वहां किसी प्रकार का अवैध कब्जा है या नहीं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके की स्थिति और रिकॉर्ड की जांच की जानी है।
स्कूल मैदान पर तारफेंसिंग से बच्चों की खेल की जगह घटी!
जनसुनवाई में ग्राम अमरपुर के ग्रामीण भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने सरकारी एकीकृत माध्यमिक विद्यालय के मैदान पर कथित कब्जे की शिकायत की।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल मैदान से संबंधित सर्वे नंबर 170 की जमीन पर 20 सितंबर को तारफेंसिंग कर दी गई। उनका आरोप है कि तारफेंसिंग के कारण स्कूल के बच्चों के लिए उपलब्ध खेल मैदान का क्षेत्र कम हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने, राजस्व रिकॉर्ड की जांच करने और यदि सरकारी भूमि पर नियम विरुद्ध कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाने की मांग की।
स्कूल का मैदान बच्चों के खेल और अन्य गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मैदान के एक हिस्से पर कब्जे की शिकायत सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि जांच में जमीन की वास्तविक स्थिति क्या निकलकर सामने आती है।
पंचायतों में विकास के नाम पर कथित गड़बड़ी के आरोप
जनसुनवाई में खनियाधाना क्षेत्र के पिपरोदा आलम और लोहादेवी गांव से भी ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन, सीसी रोड, प्रशिक्षण शाला, चौपाल और पुलिया सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए राशि निकाली गई, लेकिन कई जगह काम या तो पूरा नहीं हुआ अथवा उसे दस्तावेजों में पूरा दिखा दिया गया।
शिकायतकर्ताओं ने संबंधित निर्माण कार्यों की मौके पर जांच कराने और रिकॉर्ड का मिलान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों के लिए राशि जारी की गई है तो मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति भी सामने आनी चाहिए।
कागजों में काम पूरा या जमीन पर भी? जांच से खुलेगा राज
पंचायतों से जुड़ी शिकायतों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जिन कार्यों के लिए राशि खर्च होने का दावा किया गया है, वे वास्तव में जमीन पर कितने पूरे हुए हैं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय करने और सरकारी राशि के उपयोग की जांच की आवश्यकता होगी।
हालांकि, फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र या विभागीय जांच से पुष्टि होना बाकी है। संबंधित विभागों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही जनसुनवाई में सामने आईं गांवों की कई तस्वीरें
मंगलवार की जनसुनवाई में सामने आई शिकायतों ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं को एक साथ सामने ला दिया। कहीं शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध है, कहीं सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग है तो कहीं बच्चों के स्कूल मैदान पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है।
वहीं पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर उठे सवालों ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं निगरानी पर भी ध्यान खींचा है।
अब शिकायतकर्ताओं की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या इंदार की शराब दुकान के मामले में तय समय के बाद कार्रवाई होगी? क्या अमरपुर के स्कूल मैदान की तारफेंसिंग की जांच होगी? और क्या पिपरोदा आलम व लोहादेवी में पंचायत के निर्माण कार्यों का मौके पर सत्यापन कराया जाएगा? इन सवालों के जवाब संबंधित विभागों की जांच के बाद ही सामने आएंगे।