पंचायत उप निर्वाचन से लेकर सहकारी बैंकों तक:कलेक्टर अर्पित वर्मा ने दिए सख्त निर्देश:अधिकारियों की तय की जिम्मेदारी

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी में पंचायत उप निर्वाचन 2026 की तैयारियों से लेकर सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली तक प्रशासन ने अपनी निगरानी और जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने एक ओर पोहरी और खनियाधाना क्षेत्र में होने वाले पंचायत उप निर्वाचन के लिए अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं दूसरी ओर सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।

गुरुवार को जारी प्रशासनिक आदेश और आयोजित बैठक से साफ है कि जिले में चुनावी व्यवस्थाओं के साथ-साथ आम नागरिकों और किसानों की जमा पूंजी से जुड़े मामलों को लेकर भी प्रशासन निगरानी बढ़ा रहा है।

पंचायत उप निर्वाचन के लिए जोनल अधिकारियों की नियुक्ति

राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल के निर्देशों के पालन में शिवपुरी जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) के निष्पक्ष, पारदर्शी और सफल संचालन के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने सेक्टर यानी जोनल अधिकारियों की नियुक्ति की है।

जारी आदेश के तहत जनपद पंचायत पोहरी और जनपद पंचायत खनियाधाना के अंतर्गत रिक्त पदों पर होने वाले उप निर्वाचन के लिए अलग-अलग अधिकारियों को मतदान केंद्र आवंटित करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन की ओर से नियुक्त किए गए अधिकारियों को संबंधित मतदान केंद्रों और अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी करनी होगी। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था से लेकर मतदान संबंधी व्यवस्थाओं तक आवश्यक समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी इन अधिकारियों पर रहेगी।

पोहरी में सरपंच और जनपद सदस्य पद के लिए जिम्मेदारी

जनपद पंचायत पोहरी की ग्राम पंचायत नरैयाखेड़ी में सरपंच पद तथा जनपद पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 03 के निर्वाचन के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों की नियुक्ति की है।

इसके तहत प्रभारी तहसीलदार श्री शैलेंद्र भार्गव और महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ श्री नीरज गुर्जर को सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, नायब तहसीलदार श्रीमती सरिता भदौरिया को रिजर्व सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर रिजर्व अधिकारी को निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी सौंपी जा सकेगी।

खनियाधाना की तीन ग्राम पंचायतों में भी अधिकारी तैनात

इसी तरह जनपद पंचायत खनियाधाना की ग्राम पंचायत सिनावलकलां, नयागांव गजौरा और रेबई में सरपंच पद के लिए होने वाले उप निर्वाचन को लेकर भी सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

इन क्षेत्रों के लिए नायब तहसीलदार खनियाधाना श्री प्रतिपाल तिवारी, नायब तहसीलदार पिछोर श्री शुभम गर्ग और सहायक यंत्री श्री सुधीर शर्मा को संबंधित मतदान केंद्र आवंटित करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है।

वहीं नायब तहसीलदार पिछोर सुश्री प्रतिभा पांडेय को रिजर्व सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

रिटर्निंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में करना होगा काम
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने सभी नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तत्काल प्रभाव से अपने संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर से संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर के दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन के अनुसार निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपादित करना होगा।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि उप निर्वाचन की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो और संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करें।

सहकारी बैंकों में पारदर्शिता पर कलेक्टर का जोर: शाखा प्रबंधकों की तय होगी जवाबदेही, गबन की राशि वसूलने के निर्देश

पंचायत उप निर्वाचन की तैयारियों के बीच कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर भी अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिले में संचालित सहकारी बैंक की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों और शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों और किसानों की जमा पूंजी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वित्तीय अनियमितताओं और गबन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

गबन और वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त रुख
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि सहकारी बैंकों में गबन और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित सामने आ रहे मामले गंभीर हैं। उन्होंने बैंक शाखा स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को स्वीकार नहीं करने की बात कही।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्राथमिक सहकारी समितियों में यदि प्रबंधकों द्वारा किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की जाती है तो संबंधित शाखा प्रबंधक उसकी निगरानी करें। किसी भी अनियमितता की जानकारी मिलने पर उसे तत्काल वरिष्ठ कार्यालय तक पहुंचाने और संबंधित के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निगरानी व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर केवल गड़बड़ी करने वाले व्यक्ति की ही नहीं, बल्कि संबंधित स्तर पर निगरानी में चूक करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

आम नागरिक और किसानों की जमा पूंजी सबसे अहम
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सहकारी बैंकों में जिले के बड़ी संख्या में आम नागरिकों और किसानों की जमा पूंजी रहती है। ऐसे में बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के कारण कई बार लोगों को अपनी ही जमा राशि प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़ता है। इस प्रकार की शिकायतें जनसुनवाई के दौरान भी सामने आने की बात बैठक में रखी गई।

कलेक्टर ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां पैदा न हों, इसके लिए शाखाओं की नियमित निगरानी और सतत निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

गबन की राशि की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को गबन के मामलों में दोषियों से गबन की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधितों की संपत्ति की कुर्की और नीलामी की वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का उद्देश्य बताया गया कि वित्तीय
अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि नुकसान की भरपाई और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

लापरवाही करने वाले विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई

कलेक्टर ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन में शिथिलता बरतते हैं तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को बैंक और सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखने, वित्तीय लेन-देन और रिकॉर्ड की जांच करने तथा अनियमितता सामने आने पर समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने के निर्देश दिए।

एक तरफ चुनावी तैयारी, दूसरी तरफ वित्तीय व्यवस्था पर निगरानी

गुरुवार को प्रशासन की ओर से सामने आए दोनों प्रमुख निर्देशों में जिम्मेदारी, पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष जोर दिखाई दिया। पंचायत उप निर्वाचन को लेकर पोहरी और खनियाधाना में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाएं संभालनी होंगी।

वहीं सहकारी बैंक व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने शाखा स्तर तक जवाबदेही तय करने और आम नागरिकों की जमा पूंजी की सुरक्षा पर जोर दिया है।

पंचायत उप निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों को जहां निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित और निष्पक्ष ढंग से संपादित करने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं सहकारी बैंक अधिकारियों से वित्तीय पारदर्शिता और सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से जारी इन निर्देशों के बाद अब
 संबंधित अधिकारियों के स्तर पर इनके क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी। चुनावी क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेटों की सक्रियता और सहकारी बैंक शाखाओं में निरीक्षण व्यवस्था आने वाले समय में इन दोनों क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की दिशा तय करेगी।
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