शिवपुरी में 3 दिन बाद थमी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल:CMO के लिखित आश्वासन के बाद काम पर लौटे कर्मचारी:गणेश विसर्जन के बाद जगह-जगह जमा कचरे से बिगड़ी थी व्यवस्था

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन आखिरकार गुरुवार शाम समाप्त हो गया। नगर पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठन के बीच हुई बैठक के बाद सीएमओ की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिए जाने पर कर्मचारी संगठन ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग वार्डों में तैनात सफाई कर्मचारी वापस अपने काम पर लौट गए।

तीन दिन तक चली हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा। कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं होने से सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने लगा था। इसी बीच गणेश विसर्जन के आयोजन के चलते कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया, जिससे नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी।

मंगलवार से शुरू हुआ था आंदोलन

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार से शुरू हुई थी।
 कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम से अलग हो गए थे। संगठन का कहना था कि कई मांगें लंबे समय से नगर पालिका प्रशासन के सामने रखी जा रही हैं, लेकिन समाधान के लिए लगातार आश्वासन ही मिलते रहे हैं।

सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कोड़े के अनुसार, कर्मचारियों की कई मांगें वर्ष 2023 से लंबित हैं। संगठन का आरोप है कि पहले भी मांगों के निराकरण को लेकर समझौता पत्र और आश्वासन दिए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।

इसी वजह से इस बार कर्मचारियों ने साफ कर दिया था कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। संगठन ने मांगों के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने की बात कही थी।

तीन दिन शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित

हड़ताल के तीन दिनों के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। रोजाना होने वाली सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से कई स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आने लगे। बाजार क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर भी सफाई व्यवस्था को लेकर परेशानी सामने आई।

गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही और आयोजन के बाद विभिन्न स्थानों पर कचरा जमा हुआ। ऐसे समय में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने नगर पालिका के सामने अतिरिक्त चुनौती खड़ी कर दी।

शहरवासियों को उम्मीद थी कि विसर्जन के बाद नगर पालिका की टीम तेजी से सफाई अभियान चलाएगी, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते व्यवस्था प्रभावित रही। अब कर्मचारियों के वापस लौटने के बाद नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमा कचरे को तेजी से हटाकर शहर को दोबारा साफ-सुथरा बनाने की है।

गुरुवार को हुई अहम बैठक

गुरुवार को सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों और नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के बीच बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनसे जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कर्मचारी संगठन ने प्रशासन के सामने अपनी मांगों को रखा और उनके निराकरण की स्थिति को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद नगर पालिका सीएमओ की ओर से कर्मचारियों को मांगों के समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने की घोषणा कर दी।

‘इस बार लिखित आश्वासन जरूरी था’

सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कोड़े ने बताया कि कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2023 से लगातार मांगों के समाधान के लिए प्रशासन से बातचीत की जा रही है।

संगठन का कहना है कि इससे पहले कई बार आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी काम पर वापस लौटते रहे, लेकिन इस बार कर्मचारियों ने तय किया कि जब तक मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

गुरुवार को हुई बैठक में लिखित आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया।

अब सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने की चुनौती
हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई कर्मचारियों के वापस काम पर लौटने से नगर पालिका प्रशासन को राहत मिली है। हालांकि, तीन दिनों के दौरान शहर के कई हिस्सों में जमा हुए कचरे को हटाना अब बड़ी जिम्मेदारी है।

खासकर गणेश विसर्जन के बाद जिन स्थानों पर कचरा जमा हुआ है, वहां विशेष सफाई अभियान चलाने की जरूरत होगी। लोगों को उम्मीद है कि कर्मचारी वापस लौटने के बाद नगर पालिका की टीमें तेजी से सफाई अभियान शुरू करेंगी और मुख्य मार्गों, बाजारों, वार्डों तथा सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे को हटाया जाएगा।
हड़ताल खत्म, लेकिन मांगों पर नजर

फिलहाल सफाई कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया है और तीन दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब कर्मचारियों की नजर नगर पालिका प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के क्रियान्वयन पर रहेगी।

कर्मचारी संगठन ने जिस भरोसे के साथ हड़ताल वापस ली है, उसके बाद आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि लंबित मांगों के समाधान की दिशा में नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है।

फिलहाल कर्मचारियों के काम पर लौटने से शहरवासियों को राहत मिली है। तीन दिन से प्रभावित सफाई व्यवस्था को अब तेजी से सामान्य करने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन और सफाई अमले के सामने है। हड़ताल तो खत्म हो गई, लेकिन अब असली परीक्षा लिखित आश्वासन को जमीन पर उतारने की है।
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