खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला किसी महापुरुष की प्रतिमा का नहीं, बल्कि फुटेरा वार्ड नंबर 15 में श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित किए जाने का है। बताया जा रहा है कि रविवार रात अज्ञात लोगों ने यहां प्रतिमा स्थापित कर दी। सोमवार सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो देखते ही देखते खबर पूरे इलाके में फैल गई।
सुबह होते-होते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने प्रतिमा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर धार्मिक माहौल बन गया। हालांकि, प्रतिमा किसने स्थापित की और इसे स्थापित करने के लिए संबंधित विभाग से किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सुबह आंख खुली तो सामने थी राधा-कृष्ण की प्रतिमा
फुटेरा वार्ड नंबर 15 में सोमवार सुबह उस समय लोगों का ध्यान एक स्थान की ओर गया, जब वहां अचानक राधा-कृष्ण की प्रतिमा दिखाई दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार रात तक यहां इस तरह की प्रतिमा मौजूद नहीं थी।
सुबह प्रतिमा दिखाई देने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने प्रतिमा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना शुरू कर दी। देखते ही देखते यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
कई लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए प्रतिमा के सामने पूजा की और भगवान राधा-कृष्ण का आशीर्वाद लिया।
किसने स्थापित की प्रतिमा? सवाल बरकरार
प्रतिमा सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे रात में किसने स्थापित किया? स्थानीय स्तर पर अभी इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि प्रतिमा सार्वजनिक स्थान पर स्थापित की गई है तो इसके लिए संबंधित प्रशासन या स्थानीय निकाय से अनुमति ली गई थी या नहीं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों के नाम या अनुमति से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले समय में पुलिस और प्रशासन की जांच से ही स्थिति साफ हो सकेगी।
पिछोर में पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
फुटेरा की घटना इसलिए भी चर्चा में आ गई है क्योंकि पिछोर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं लगाए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों और अन्य लोगों की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई थी।
कई स्थानों पर प्रतिमा स्थापित करने के बाद मामला इतना बढ़ा कि विरोध-प्रदर्शन और चक्काजाम जैसी स्थिति तक बनी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ऐसे मामलों में अक्सर प्रतिमा की स्थापना के साथ-साथ जमीन के स्वामित्व, सार्वजनिक स्थान के उपयोग और अनुमति जैसे सवाल भी सामने आते हैं।
धार्मिक प्रतिमा होने से माहौल अलग
फुटेरा में सामने आया मामला पहले के विवादों से कुछ अलग है। यहां राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद स्थानीय लोगों में फिलहाल धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। लोग प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि, सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार की स्थायी संरचना या प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया क्या है, यह अलग विषय है। यही वजह है कि अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस के अगले कदम पर है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
फुटेरा में प्रतिमा स्थापित होने के बाद प्रशासन के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती भी है। एक तरफ स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने का सवाल है।
यदि प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति नहीं ली गई है तो प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। वहीं यदि संबंधित अनुमति या प्रक्रिया का पालन किया गया है तो उसकी जानकारी भी सामने आ सकती है।
फिलहाल मौके पर लोगों की भीड़ जुट रही है और पूजा-अर्चना जारी होने की जानकारी है।
पहले विवाद, फिर कार्रवाई... फिर भी जारी सिलसिला?
पिछोर क्षेत्र में पहले भी प्रतिमाओं को लेकर विवाद सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई की चर्चा हुई है। इसके बावजूद यदि दोबारा रातोंरात प्रतिमा स्थापित की जाती है तो यह प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है।
आखिर ऐसी घटनाओं की जानकारी प्रशासन को सुबह स्थानीय लोगों के जरिए क्यों मिलती है? सार्वजनिक स्थान पर रात के समय प्रतिमा स्थापित करने वालों को रोकने या पहले से जानकारी हासिल करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? ऐसे सवाल अब फुटेरा की घटना के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं।
फिलहाल श्रद्धा का माहौल, आगे क्या होगा?
फुटेरा वार्ड नंबर 15 में सोमवार सुबह राधा-कृष्ण की प्रतिमा मिलने के बाद फिलहाल लोगों के बीच धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना की जा रही है।
हालांकि, प्रतिमा किसने स्थापित की, किस उद्देश्य से की और क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि जांच होती है तो प्रतिमा स्थापित करने वालों की पहचान और अनुमति से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सकता है।
फुटेरा में रातोंरात सामने आई राधा-कृष्ण की प्रतिमा ने जहां सुबह से धार्मिक माहौल बना दिया है, वहीं पिछोर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की पुरानी घटनाओं को भी फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल मामला प्रशासन की निगरानी में है और आगे की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि यह प्रतिमा विधिवत अनुमति के साथ स्थापित हुई है या फिर बिना अनुमति के।