खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी करैरा विधानसभा क्षेत्र में बिजली समस्या को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। 21 सितंबर की रात मगरौनी स्थित करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक के आवास के बाहर हुए घटनाक्रम को लेकर विधायक प्रतिनिधियों की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। शिकायत में कुछ ग्रामीणों पर हंगामा करने, अभद्रता करने तथा घटना से जुड़ा कथित रूप से भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस को शिकायत के साथ CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई गई है।
मामला सामने आने के बाद अब पूरे घटनाक्रम के दोनों पक्षों के दावों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत बिलौनी गांव में बिजली कनेक्शन कटने और उससे गांव की पानी सप्लाई प्रभावित होने की समस्या से हुई थी। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली समस्या के समाधान के लिए वे विधायक के आवास पर पहुंचे थे। वहीं विधायक पक्ष की शिकायत में रात के समय घर पहुंचकर हंगामा करने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं।
बिजली समस्या को लेकर रात में विधायक के घर पहुंचे ग्रामीण
बताया गया है कि 21 सितंबर की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच बिलौनी के सरपंच बालकिशन जाटव सहित कुछ लोग मगरौनी स्थित विधायक के आवास पर पहुंचे। ग्रामीण बिजली की समस्या को लेकर तत्काल समाधान की मांग कर रहे थे।
मामले से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिलौनी गांव में बिजली कनेक्शन कटने के बाद पानी की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आई थी। सरपंच बालकिशन जाटव की ओर से यह भी कहा गया कि पंचायत की ओर से बिजली कंपनी में करीब 50 हजार रुपए जमा किए गए थे, इसके बावजूद कनेक्शन कट गया। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण विधायक के पास पहुंचे थे।
रात में पहुंचने पर हुई बहस
विधायक पक्ष की शिकायत के अनुसार, रात के समय घर के मुख्य गेट पर पहुंचे लोगों ने हंगामा किया और गेट को धक्का देने जैसी स्थिति बनी। शिकायत में कुछ लोगों के शराब के नशे में होने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि यह आरोप शिकायतकर्ता पक्ष का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया गया है कि विधायक ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि रात का समय है और गणेश विसर्जन के चलते बिजली विभाग के कर्मचारी व्यवस्था में लगे हुए हैं।
विधायक की ओर से अगले दिन बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिए जाने की बात भी सामने आई है।
लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई और मामला विवाद की स्थिति तक पहुंच गया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
घटनाक्रम का एक वीडियो इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी बातें सामने आ रही हैं।
वायरल वीडियो के आधार पर विधायक पर ग्रामीणों से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करने के आरोप लगाए गए। दूसरी ओर विधायक पक्ष का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरे घटनाक्रम का एक हिस्सा है और इसे संदर्भ से अलग तरीके से प्रसारित किया गया।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि विधायक के घर पर लगे CCTV कैमरों में घटनाक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस को CCTV फुटेज उपलब्ध कराया है, ताकि वीडियो और वास्तविक घटनाक्रम का मिलान किया जा सके।
पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव पर भी आरोप
इस विवाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव का नाम भी सामने आया है। विधायक पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक ने घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।
शिकायतकर्ताओं ने इसे विधायक की छवि प्रभावित करने की कोशिश बताया है। हालांकि यह आरोप भी शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से लगाया गया है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में विधायक के पड़ोसी विजय बाबू आर्य और उदय वीर सिंह द्वारा भी घटनाक्रम से संबंधित जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मगरौनी चौकी प्रभारी अभिमन्यु सिंह राजावत के
अनुसार मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और पुलिस को CCTV फुटेज भी उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों, CCTV रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजली समस्या से शुरू हुआ विवाद अब सियासी आरोपों तक
पूरे मामले की शुरुआत भले ही गांव की बिजली समस्या से हुई हो, लेकिन अब विवाद में सोशल मीडिया वीडियो, विधायक की कथित अभद्रता, ग्रामीणों के कथित हंगामे और पूर्व विधायक द्वारा वीडियो साझा किए जाने जैसे आरोप जुड़ गए हैं।
एक तरफ ग्रामीणों की ओर से बिजली समस्या को लेकर विधायक के घर पहुंचने की बात सामने आई है, तो दूसरी तरफ विधायक पक्ष ने रात में घर पहुंचकर हंगामा और अभद्रता किए जाने की शिकायत की है। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल पुलिस के पास शिकायत, CCTV फुटेज और वायरल वीडियो मौजूद हैं। जांच में CCTV और वायरल वीडियो का पूरा संदर्भ सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि 21 सितंबर की रात मगरौनी में घटनाक्रम किस तरह शुरू हुआ और विवाद किस वजह से बढ़ा।
नोट: इस खबर में हंगामा, शराब के नशे, वीडियो वायरल करने और साजिश से जुड़े आरोप संबंधित शिकायत/पक्ष के दावों के रूप में लिखे गए हैं; इन्हें पुलिस जांच में अभी सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।