खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के गजौरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद उस समय हिंसक हो गया, जब निर्माण कार्य करा रहे एक युवक और उसके साथ मौजूद लोगों पर लाठी-डंडों एवं लोहे के सरियों से हमला किए जाने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि हमलावरों ने उसे जमीन पर पटककर बेरहमी से पीटा और पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश तक की। बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य व्यक्ति के सिर पर भी लोहे के सरिए से हमला किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
मामले में पिछोर पुलिस ने शिकायत के आधार पर 7 नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद जमीन विवाद के साथ-साथ CCTV फुटेज से जुड़ा मामला भी सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मारपीट की घटना गोदाम में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी, लेकिन घटना के बाद आरोपी रिकॉर्डिंग वाला DVR भी अपने साथ ले गए।
जमीन को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार पुरानी गल्ला मंडी निवासी नरेंद्र कुमार गुप्ता की मजरा देवीपुरा, गजौरा गांव में जमीन है। नरेंद्र का कहना है कि इस जमीन को लेकर मोहन भट्ट से पहले से विवाद चल रहा है और मामला एसडीएम न्यायालय तक पहुंच चुका था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मामले में उन्हें पहले स्थगन आदेश मिला था और बाद में फैसला भी उनके पक्ष में आया था। इसी जमीन पर बीते रोज निर्माण कार्य कराया जा रहा था। नरेंद्र के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे वह अपने पिता मोहनलाल गुप्ता, संजीव गुप्ता और अरविंद गुप्ता के साथ मौके पर मौजूद थे और निर्माण कार्य करा रहे थे।
इसी दौरान मोहन भट्ट और दीपक भट्ट के वहां पहुंचने की बात कही गई है। शिकायत के मुताबिक, दोनों ने निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा और विवाद बढ़ने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
शाम होते ही मौके पर पहुंचे कई लोग
नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 4 बजे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। शिकायत के मुताबिक, मोहन भट्ट, दीपक भट्ट, शिवम भट्ट, अशोक भट्ट, राजू भट्ट, शिवम गुप्ता समेत करीब 8-10 अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इनके हाथों में लाठी-डंडे, लोहे के सरिए और सब्बल थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मौके पर पहुंचते ही आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दीपक भट्ट ने नरेंद्र के सिर के पीछे लोहे के सरिए से वार किया और नाक पर घूंसा मारा। इसके बाद नरेंद्र को जमीन पर पटक दिया गया।
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि मारपीट के दौरान नरेंद्र पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई। हालांकि इस आरोप की वास्तविकता और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बचाने पहुंचे संजीव पर भी सरिए से हमला
नरेंद्र को बचाने के लिए जब संजीव गुप्ता आगे आए तो उन पर भी हमला किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, संजीव के सिर पर लोहे के सरिए से वार किया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने दोनों के साथ लात-घूंसों से मारपीट की।
अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मारपीट के बाद CCTV का DVR ले जाने का आरोप
इस पूरे मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। नरेंद्र के मुताबिक, जिस गोदाम में यह घटना हुई, वहां CCTV कैमरे लगे हुए थे और मारपीट की पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के बाद शिवम भट्ट CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग वाला DVR निकालकर अपने साथ ले गया। यदि CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध होती तो घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती थी।
अब पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों के साथ-साथ CCTV रिकॉर्डिंग और DVR से जुड़े आरोपों की भी जांच की चुनौती है।
जमीन का विवाद पहुंचा थाने तक
गजौरा गांव में सामने आया यह मामला बताता है कि जमीन से जुड़े विवाद किस तरह देखते ही देखते हिंसक रूप ले सकते हैं। एक ओर जमीन के स्वामित्व और निर्माण को लेकर पहले से न्यायालयीन विवाद चलने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर निर्माण के दौरान हुई कथित मारपीट ने मामले को और गंभीर बना दिया।
फिलहाल शिकायत के आधार पर पिछोर पुलिस ने नामजद आरोपियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, मौके की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और CCTV से संबंधित साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनास्थल पर विवाद किस वजह से बढ़ा, मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही और पेट्रोल डालकर जलाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।
सबसे बड़ा सवाल—जमीन का विवाद आखिर हिंसा तक क्यों पहुंचा?
जमीन को लेकर चल रहे विवाद का कानूनी समाधान न्यायालय के माध्यम से होना था, लेकिन शिकायत के अनुसार मामला निर्माण स्थल पर टकराव और कथित हिंसा तक पहुंच गया। अब पुलिस की जांच पर नजर है कि घटना के पीछे पूरा विवाद क्या था और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या रही।
फिलहाल पिछोर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।