खुशबू शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी न्यायालय परिसर के बाहर शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब तलाक के मामले की तारीख पर आमने-सामने आए पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। कोर्ट के बाहर हुए इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए पति को पकड़ लिया और कोतवाली ले गए। बाद में पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करने के साथ ही न्यायालय परिसर के बाहर विवाद और शांति भंग करने के मामले में भी कार्रवाई की। इसके बाद आरोपी पति को जेल भेज दिया गया।
मामला फतेहपुर इलाके में रहने वाले रूप सिंह कुशवाह और उनकी पत्नी लता कुशवाह से जुड़ा है। दोनों के बीच तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को इसी मामले की सुनवाई के लिए दोनों कोर्ट पहुंचे थे। बताया गया कि न्यायालय परिसर के बाहर दोनों का आमना-सामना हुआ और किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया।
कोर्ट के बाहर शुरू हुई कहासुनी, फिर हाथापाई
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ता चला गया। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। कोर्ट परिसर के बाहर हंगामा देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि रूप सिंह ने अपनी पत्नी लता के साथ मारपीट की। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए रूप सिंह को मौके से पकड़ लिया और कोतवाली थाना ले गई। इसके बाद न्यायालय परिसर के बाहर बनी तनावपूर्ण स्थिति शांत हुई !
घटना के बाद मामले को लेकर आसपास मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। तलाक के मामले की सुनवाई के लिए पहुंचे दंपती के बीच कोर्ट के बाहर ही विवाद और मारपीट होने से मामला चर्चा में आ गया।
चार बेटियों को लेकर भी चल रहा विवाद
इस पारिवारिक विवाद में चार बेटियों का मामला भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। रूप सिंह की मां के अनुसार, लता कुछ समय पहले घर छोड़कर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहने लगी थी। उनकी चार बेटियां भी लता के साथ रह रही हैं।
इसके बाद पति-पत्नी के बीच संबंध और बिगड़ गए और लता की ओर से रूप सिंह के खिलाफ तलाक का मामला न्यायालय में दायर किया गया।
रूप सिंह की मां का कहना है कि उनका बेटा अपनी चारों बेटियों को अपने पास रखना चाहता है। इसी मुद्दे को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बना हुआ है।
हालांकि, परिवार की ओर से बताए गए इन आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बेटियों की अभिरक्षा को लेकर वास्तविक स्थिति न्यायालयीन कार्यवाही और संबंधित पक्षों के बयानों से ही स्पष्ट होगी।
तलाक की तारीख बनी विवाद का मैदान
शुक्रवार को दोनों पक्ष न्यायालय में अपने मामले की तारीख पर पहुंचे थे। सामान्य तौर पर जहां अदालत में विवाद का कानूनी समाधान तलाशा जाता है, वहीं इस मामले में न्यायालय के बाहर ही पति-पत्नी के बीच विवाद ने उग्र रूप ले लिया।
प्रत्यक्ष रूप से सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, कहासुनी के बाद मारपीट की स्थिति बनी और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया।
अब इस पूरे मामले में पत्नी की शिकायत, पुलिस कार्रवाई और न्यायालय के बाहर हुए विवाद को अलग-अलग आधार पर देखा जा रहा है।
पत्नी की शिकायत पर NCR, शांति भंग में भी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस के अनुसार, लता की शिकायत पर रूप सिंह के खिलाफ एनसीआर दर्ज की गई है। इसके अलावा न्यायालय परिसर के बाहर विवाद करने और शांति भंग की स्थिति पैदा करने के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस कार्रवाई के बाद रूप सिंह को जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद फिलहाल कोर्ट परिसर के बाहर हुआ विवाद शांत हो गया, लेकिन पति-पत्नी के बीच चल रहा मूल तलाक का विवाद अभी न्यायालय में जारी है।
चार बेटियों का भविष्य भी विवाद के केंद्र में
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू चार बेटियों से जुड़ा है। पति अपनी बेटियों को अपने साथ रखना चाहता है, जबकि वर्तमान में बेटियां मां के साथ रह रही हैं—ऐसा रूप सिंह की मां की ओर से बताया गया है। ऐसे मामलों में बच्चों की अभिरक्षा को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय की प्रक्रिया और आदेश से तय होती है।
पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का असर अब सार्वजनिक रूप से भी दिखाई देने लगा है। कोर्ट के बाहर हुई मारपीट ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब कोर्ट में होगा असली फैसला
फिलहाल पुलिस ने शुक्रवार को हुए विवाद में अपनी कार्रवाई कर दी है और रूप सिंह को जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर पति-पत्नी के बीच चल रहे तलाक के मामले का निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के तहत होगा।
घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि पारिवारिक विवाद जब कानूनी लड़ाई में बदलते हैं, तो भावनात्मक तनाव कई बार सार्वजनिक टकराव तक पहुंच सकता है। इस मामले में तलाक के साथ चार बेटियों की अभिरक्षा का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है, इसलिए आगे की न्यायालयीन कार्यवाही पर सभी की नजर रहेगी।
फिलहाल कोर्ट के बाहर हुई मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई हो चुकी है, जबकि पति-पत्नी के रिश्ते और चार बेटियों के भविष्य से जुड़े बड़े सवालों का फैसला अब न्यायालयीन प्रक्रिया के जरिए होना है।