खुशबू शर्मा:खबर सागर जिले में जहरीली शराब से मौतों की घटना के बाद अब शिवपुरी जिले में भी पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करने की पहल शुरू हो गई है। करैरा जनपद की सिरसौद पंचायत में सोमवार को सरपंच अतर सिंह लोधी ने गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को कच्ची और संदिग्ध शराब के खतरे के प्रति सचेत किया। पंचायत की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को शराब के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराना और अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ जागरूक करना है।
सरपंच स्वयं ढपला वाले के साथ पंचायत के गांवों में पहुंचे और मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों से कच्ची शराब का सेवन नहीं करने की अपील की। इस दौरान सागर जिले में सामने आई जहरीली शराब की घटना का हवाला देते हुए लोगों को समझाया गया कि बिना किसी पुष्टि या भरोसे के शराब का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।
सागर की घटना के बाद पंचायत ने उठाया कदम
दरअसल, सागर जिले में 5 और 6 सितंबर को जहरीली शराब से जुड़ी घटना में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 22 लोगों की मौत और 112 लोगों के बीमार होने का दावा किया गया है। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की बात भी सामने आई है। मामले की जांच पुलिस और प्रशासन की टीमों द्वारा की जा रही है।
सागर की इस घटना ने आसपास के जिलों में भी चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए सिरसौद पंचायत ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया। पंचायत का मानना है कि ग्रामीणों को समय रहते कच्ची और अवैध शराब के खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।
मुनादी कर ग्रामीणों को समझाया
सोमवार को सिरसौद पंचायत क्षेत्र में मुनादी के दौरान ग्रामीणों से साफ तौर पर कहा गया कि कच्ची शराब का सेवन न करें और संदिग्ध शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। लोगों को बताया गया कि शराब में मिलावट या उसके निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण ऐसी शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है।
सरपंच अतर सिंह लोधी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को संदिग्ध शराब का सेवन करने से बचना चाहिए। यदि कहीं अवैध रूप से शराब तैयार करने या बेचने की जानकारी मिलती है तो उसे छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
गांव-गांव पहुंचकर दिया जागरूकता का संदेश
सिरसौद पंचायत की ओर से की गई मुनादी सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रही। सरपंच अतर सिंह लोधी ढपला वाले के साथ पंचायत के गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों को जागरूक किया।
मुनादी के माध्यम से लोगों को बताया गया कि शराब के अवैध कारोबार को रोकने में ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध तरीके से शराब बेची जा रही है या कच्ची शराब तैयार किए जाने की जानकारी है तो इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
पंचायत की इस पहल का मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को संभावित खतरे से सावधान करना बताया गया है।
संदिग्ध शराब से रहें दूर
जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि कम कीमत या आसानी से उपलब्ध होने के कारण किसी भी संदिग्ध शराब का सेवन करना भारी पड़ सकता है। कच्ची शराब के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी गुणवत्ता की कोई विश्वसनीयता नहीं होती। ऐसे में इसका सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है।
पंचायत ने ग्रामीणों से अपील की कि शराब खरीदते समय भी सावधानी बरतें और किसी अनजान या संदिग्ध स्रोत से शराब न लें। किसी व्यक्ति की तबीयत संदिग्ध शराब पीने के बाद बिगड़ती है तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की बात भी कही गई।
अवैध शराब की सूचना देने की अपील
सिरसौद पंचायत की ओर से ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की गई कि यदि गांव या आसपास के क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री अथवा कच्ची शराब बनाए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दें।
पंचायत का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचती है तो संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।
सागर की घटना ने बढ़ाई चिंता
सागर जिले में सामने आई जहरीली शराब से मौतों की घटना ने एक बार फिर अवैध और मिलावटी शराब के खतरे को सामने ला दिया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन स्तर पर जांच की जा रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
इसी बीच शिवपुरी के करैरा क्षेत्र की सिरसौद पंचायत द्वारा की गई मुनादी को ग्रामीण स्तर पर जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
पंचायत का संदेश—जान से बढ़कर कुछ नहीं
सिरसौद पंचायत की इस पहल का मूल संदेश साफ है—शराब के नशे से ज्यादा जरूरी जिंदगी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे कच्ची शराब और संदिग्ध शराब से दूरी बनाए रखें तथा अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर चुप न रहें।
बारिश के मौसम में जहां पहले से ही कई तरह की चुनौतियां ग्रामीण क्षेत्रों के सामने रहती हैं, वहीं जहरीली शराब जैसी घटनाओं का खतरा और गंभीर हो सकता है। ऐसे में पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करना और उन्हें प्रशासन के साथ सहयोग के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।
सिरसौद पंचायत की मुनादी ने ग्रामीणों के बीच एक सीधा संदेश पहुंचाया है—संदिग्ध शराब से दूरी रखें, दूसरों को भी रोकें और अवैध शराब की जानकारी तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं।