खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में चोरी की लगातार सामने आई दो घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 दिन के अंतराल में करारखेड़ा और सेमरी गांव के दो घरों में चोरी की वारदात हुई। चोर एक घर से 8 लाख रुपए नकद के साथ करीब 30 तोला सोना और एक किलो चांदी के जेवर ले गए, जबकि दूसरे घर से 4 लाख 20 हजार रुपए नकद सहित लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने की बात सामने आई है।
दोनों मामलों में पुलिस को शिकायत दिए जाने के बाद भी आरोपियों का सुराग नहीं लगने का आरोप लगाते हुए पीड़ित सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की।
बच्ची की शादी के लिए रखे थे 8 लाख और जेवर
करारखेड़ा निवासी अजय राजा चौहान के अनुसार, 31 अगस्त की रात परिवार खाना खाने के बाद सो गया था। रात करीब 12 बजे तक सब कुछ सामान्य था। इसके बाद परिवार के सदस्य अपने कमरों में सोने चले गए।
अजय के मुताबिक, अगले दिन 1 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे जब परिवार के लोग उठे तो कमरे का ताला टूटा हुआ मिला। घर के अंदर जाकर देखा तो अलमारी का लॉकर भी टूटा था। सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी में रखी नकदी व जेवर गायब थे।
अजय के अनुसार, चोर अलमारी से करीब 30 तोला सोने के जेवर ले गए। चोरी गए जेवरों में हार, मंगलसूत्र, दो चेन, नथ, बेंदी, बाजूबंद, तीन अंगूठियां, चूड़ियां और दो जोड़ी झुमकी शामिल हैं। इसके अलावा करीब एक किलो चांदी के जेवर और 8 लाख रुपए नकद भी चोरी होने की बात उन्होंने बताई। पीड़ित का कहना है कि नकदी और जेवर परिवार ने बच्ची की शादी के लिए संभालकर रखे थे। चोरी के बाद परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ताला तोड़कर घर में घुसे चोर
अजय ने घटना की जानकारी 1 सितंबर को पिछोर थाने में दी थी। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। चोरी की इतनी बड़ी वारदात के बाद भी सुराग नहीं मिलने से परिवार चिंतित है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि आसपास के क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जाए और चोरी की घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर जल्द आरोपियों तक पहुंचा जाए।
सेमरी में बक्सा ही उठा ले गए चोर
दूसरी वारदात सेमरी गांव में सामने आई। सेमरी निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, 21 अगस्त की रात वह पिछोर स्थित अपने मकान पर थे। इसी दौरान रात करीब 2:30 बजे उनके भांजे पुनीत श्रीवास्तव ने फोन कर घर में चोरी होने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही विजय सेमरी पहुंचे। घर पहुंचने पर पता चला कि कमरे में रखा एक बक्सा गायब था। परिवार और आसपास के लोगों ने बक्से की तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर बसईयां वाली पोर के पास वह बक्सा खाली हालत में पड़ा मिला। विजय के अनुसार, चोर बक्से में रखी नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए थे।
रात के अंधेरे में कुंडी खोलकर दाखिल हुए
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी की वारदात 21 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे से 2 बजे के बीच हुई। आरोप है कि अज्ञात चोर कमरे की कुंडी खोलकर अंदर दाखिल हुए और इसके बाद बक्से का ताला तोड़ दिया।
चोर बक्से में रखे करीब 4 लाख 20 हजार रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर लेकर वहां से निकल गए। विजय ने चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई है।
बक्सा घर से कुछ दूरी पर मिलने से माना जा रहा है कि चोर उसे लेकर बाहर निकले और किसी सुनसान स्थान पर पहुंचकर उसमें रखा सामान निकाल लिया। हालांकि, चोरी की पूरी घटना में कितने लोग शामिल थे और वे किस दिशा में भागे, यह जांच का विषय है।
दो वारदातों से ग्रामीणों में चिंता
पिछोर क्षेत्र में कम समय के अंतराल में दो घरों में चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है। खासकर रात के समय घरों की सुरक्षा को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि चोरों ने ऐसे समय में वारदात को अंजाम दिया, जब परिवार के लोग घर में मौजूद थे। इसके बावजूद चोर चोरी करने में सफल रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस से बरामदगी की उम्मीद
दोनों मामलों में शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों का पता नहीं चलने की बात पीड़ितों ने कही है। इसी के चलते सोमवार को दोनों परिवारों के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को अपनी परेशानी बताई।
पीड़ितों ने एसपी से मांग की कि दोनों चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम आरोपियों की तलाश तेज करे। साथ ही चोरी हुए सोने-चांदी के जेवर और नकदी की बरामदगी कराकर परिवारों को राहत दिलाई जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में इन दोनों वारदातों के पीछे कौन लोग सामने आते हैं और चोरी गया सामान कब तक बरामद हो पाता है।