खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राशन दुकानों पर कथित अनियमितताओं और पात्र हितग्राहियों को तय मात्रा में राशन नहीं मिलने के आरोप लगाते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने क्षेत्र की सरकारी उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला राशन पात्र हितग्राहियों तक पूरी मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। कई हितग्राहियों से राशन वितरण के दौरान फिंगरप्रिंट लिए जाने के बावजूद उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलभद्र सिंह धाकड़ के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले में तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की।
फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी पूरा राशन नहीं मिलने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि क्षेत्र की कई सरकारी राशन दुकानों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पार्टी का दावा है कि कुछ स्थानों पर हितग्राहियों से मशीन पर फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक सत्यापन तो कराया जाता है, लेकिन इसके बाद उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दिया जाता।
कांग्रेस का आरोप है कि कई गरीब परिवार ऐसे हैं, जिन्हें कई महीनों से उनके हिस्से का राशन नहीं मिला है। इससे जरूरतमंद परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है।
पार्टी नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजों में राशन वितरण दिखाए जाने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और हितग्राहियों से सीधे जानकारी ली जाए।
कांग्रेस ने पूरे राशन नेटवर्क की जांच की मांग की
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि राशन वितरण में कथित गड़बड़ी का मामला किसी एक दुकान या किसी एक सेल्समैन तक सीमित नहीं हो सकता। कांग्रेस ने क्षेत्र में एक कथित राशन सिंडिकेट की आशंका जताते हुए पूरे नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि यदि किसी दुकान पर राशन वितरण में गड़बड़ी सामने आती है तो केवल छोटे कर्मचारी या सेल्समैन पर कार्रवाई करके मामले को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। यह भी जांच होनी चाहिए कि राशन की आपूर्ति से लेकर स्टॉक रखने और हितग्राहियों को वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हो रही।
कांग्रेस ने संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
स्टॉक और वितरण का कराया जाए मिलान
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि कोलारस विधानसभा क्षेत्र की सरकारी राशन दुकानों का स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान कराया जाए।
इसके साथ ही यह भी जांच की जाए कि दुकानों को कितना राशन आवंटित हुआ, कितना उठाया गया और कितना हितग्राहियों को वितरित किया गया।
पार्टी ने मांग की है कि बायोमेट्रिक मशीनों में दर्ज वितरण रिकॉर्ड की भी जांच की जाए। यदि रिकॉर्ड में किसी हितग्राही के नाम पर राशन वितरण दर्ज है, लेकिन संबंधित हितग्राही को वास्तव में राशन नहीं मिला, तो ऐसे मामलों की पहचान कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शिकायतों पर छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राशन वितरण में शिकायत सामने आने के बाद कई बार कार्रवाई केवल दुकान संचालक या सेल्समैन तक सीमित रह जाती है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, जिनकी निगरानी में राशन वितरण व्यवस्था संचालित होती है।
पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाए।
दोषियों पर FIR की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने कथित अनियमितताओं की जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ FIR और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राशन गरीब परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी पात्र परिवार के हिस्से का राशन किसी स्तर पर रोका या गबन किया जाता है तो यह गंभीर मामला है।
पार्टी ने मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी राशन दुकान संचालक, कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
गरीब हितग्राहियों की शिकायतों को प्राथमिकता देने की मांग
कांग्रेस ने प्रशासन से यह भी कहा कि राशन से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए हर महीने मिलने वाला खाद्यान्न उनके घरेलू बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
यदि किसी परिवार को लगातार कई महीनों तक राशन नहीं मिलता है तो उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन को शिकायतों का त्वरित निराकरण करना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि गांव-गांव में राशन दुकानों की जांच कर वास्तविक हितग्राहियों से भी जानकारी ली जाए, ताकि कागजी रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति के बीच किसी तरह का अंतर हो तो वह सामने आ सके।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलभद्र सिंह धाकड़ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की और पात्र हितग्राहियों को उनका राशन नहीं मिला तो कांग्रेस आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस द्वारा धरना, प्रदर्शन और चक्काजाम किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य गरीब हितग्राहियों को उनका अधिकार दिलाना है।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजर
राशन वितरण को लेकर कांग्रेस द्वारा एसडीएम को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर है। कांग्रेस ने जहां पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, वहीं वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जांच में राशन वितरण में अनियमितता के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि रिकॉर्ड और मौके की जांच में आरोप सही नहीं पाए जाते हैं तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
फिलहाल कोलारस में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने प्रशासन और खाद्य विभाग के सामने जांच की चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि एसडीएम और संबंधित विभाग इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करते हैं और गरीब हितग्राहियों को राशन वितरण की वास्तविक स्थिति जांच के बाद क्या सामने आती है।