पिछोर SDM ममता शाक्य ने जारी किए आदेश:दुकानों की जांच में सामने आई खाद्यान्न की भारी कमी;भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी राशि

Nikk Pandit
0
खुशबू शर्मा शिवपुरी:पिछोर विधानसभा में गरीबों के हिस्से के राशन में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में उचित मूल्य की चार दुकानों की जांच के दौरान खाद्यान्न के स्टॉक में भारी अंतर सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने चार अलग-अलग मामलों में संबंधित दुकानदारों से कुल 21 लाख 75 हजार 941 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए हैं। खास बात यह है कि यह राशि भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूल की जाएगी।

प्रशासन की कार्रवाई से राशन दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान कहीं गेहूं और चावल का स्टॉक रिकॉर्ड से कम मिला तो कहीं POS मशीन में दर्ज खाद्यान्न की मात्रा और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया। चार मामलों में सामने आई गड़बड़ी को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए अब संबंधित दुकानदारों पर आर्थिक कार्रवाई की है।

चमरौआ में 196 क्विंटल राशन गायब, 9.73 लाख की वसूली

चमरौआ की उचित मूल्य दुकान की जांच के दौरान स्टॉक में 196 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया। इस प्रकरण में तत्कालीन दुकानदार सुरेंद्र यादव निवासी पौठयाई के खिलाफ पहले ही खनियाधाना थाने में FIR दर्ज की जा चुकी है।

अब प्रशासन ने इस मामले में आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सुरेंद्र यादव से 9 लाख 73 हजार 642 रुपए वसूलने के आदेश दिए हैं। इतनी बड़ी राशि की वसूली का आदेश सामने आने के बाद राशन वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दे रही है।

महोबा डामरौन में 245 क्विंटल की कमी, नोटिस का जवाब भी नहीं

दूसरा मामला महोबा डामरौन की उचित मूल्य दुकान से जुड़ा है। यहां जांच के दौरान स्टॉक में करीब 245 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया। यह मात्रा सामने आने के बाद संबंधित दुकानदार को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।

बताया गया कि नोटिस के बावजूद निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद प्रशासन ने उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए दुकानदार जयकिशन लोधी और सह-दुकानदार संजीव लोधी से 7 लाख 31 हजार 463 रुपए वसूलने के आदेश जारी किए हैं।

245 क्विंटल खाद्यान्न की कमी ने राशन वितरण
व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने अब मामले में आर्थिक वसूली का रास्ता अपनाया है, जिससे सरकारी खाद्यान्न के हिसाब-किताब में लापरवाही या गड़बड़ी करने वालों को सख्त संदेश गया है।

बघरवारा में गेहूं-चावल और नमक तक का हिसाब गड़बड़

तीसरा मामला बघरवारा की उचित मूल्य दुकान का है। यहां जांच के दौरान केवल एक खाद्यान्न में नहीं, बल्कि अलग-अलग सामग्री के स्टॉक में कमी सामने आई।
जांच में दुकान के स्टॉक से 3,794 किलो गेहूं, 1,464 किलो चावल और 56 किलो नमक कम पाया गया। यानी दुकान के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध स्टॉक के बीच स्पष्ट अंतर सामने आया।

इस मामले में प्रशासन ने दुकानदार सतेंद्र लोधी से 1 लाख 65 हजार 632 रुपए की वसूली के आदेश दिए हैं। कार्रवाई के बाद अब इस राशि को भी भू-राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा।

दुल्हई में POS मशीन ने खोला राज

चौथा मामला दुल्हई की उचित मूल्य दुकान से सामने आया, जहां POS मशीन में दर्ज रिकॉर्ड के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की। यहां तत्कालीन दुकानदार जयकिशन लोधी पर दुकान का जिम्मा नहीं सौंपने और POS मशीन में दर्ज खाद्यान्न में गड़बड़ी का मामला सामने आया।

जांच में POS रिकॉर्ड के आधार पर 88.39 क्विंटल खाद्यान्न खुर्द-बुर्द होने की बात सामने आई। मामले में प्रशासन ने तत्कालीन दुकानदार जयकिशन लोधी से 3 लाख 5 हजार 204 रुपए वसूलने के आदेश दिए हैं।

चार मामलों में 21.75 लाख की चोट

चारों मामलों को जोड़ें तो प्रशासन ने कुल 21 लाख 75 हजार 941 रुपए की वसूली के आदेश दिए हैं।

राशन दुकान

सामने आई कमी वसूली की राशि चमरौआ 196 क्विंटल खाद्यान्न₹9,73,642महोबा डामरौन245 क्विंटल खाद्यान्न₹7,31,463 बघरवारा गेहूं, चावल व नमक की कमी ₹1,65,632 दुल्हई 88.39 क्विंटल खाद्यान्न ₹3,05,204कुल₹21,75,941

राशन के खेल पर प्रशासन का सख्त संदेश

उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में स्टॉक में भारी कमी मिलने के मामलों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पिछोर एसडीएम ममता शाक्य द्वारा जारी वसूली आदेशों से साफ है कि सरकारी राशन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों से आर्थिक नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।

चार मामलों में एक साथ 21.75 लाख रुपए की वसूली का आदेश क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर चमरौआ और महोबा डामरौन में सामने आई क्रमशः 196 और 245 क्विंटल खाद्यान्न की कमी ने राशन दुकानों के स्टॉक प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल वसूली तक सीमित रहती है या जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक की भी इसी तरह सघन जांच होती है। फिलहाल पिछोर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने राशन दुकानों के संचालकों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सरकारी राशन के हिसाब में गड़बड़ी मिली तो जेब पर भारी पड़ेगी।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)