414 करोड़ की पेयजल योजना के प्लांट से 700 मीटर से एक किमी दूर चल रहे दो क्रेशर, जल निगम की शिकायत पर संयुक्त दल करेगा निरीक्षण
शिवपुरी। पिछोर सहित चार ब्लॉक के 233 गांवों में पेयजल सप्लाई के लिए गरेठा गांव के पास 54.30 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो चुका है। लेकिन प्लांट से करीब 700 मीटर से एक किमी की दूरी पर संचालित दो पत्थर क्रेशरों में होने वाली ब्लास्टिंग को लेकर चिंता जताई गई है। जल निगम ने प्रशासन को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन के कारण प्लांट को नुकसान पहुंच सकता है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने संयुक्त जांच दल गठित किया है। अब टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेगी।
प्लांट की टेस्टिंग के बीच उठी चिंता -
गरेठा गांव के पास बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रॉ-वाटर और साफ पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग चल रही है। करीब 414 करोड़ रुपए की इस परियोजना से पिछोर सहित चार ब्लॉक के 233 गांवों में पानी पहुंचाने की योजना है। जल निगम का कहना है कि प्लांट शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आसपास होने वाली ब्लास्टिंग से संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे।
जल निगम की शिकायत पर पिछोर एसडीएम की अध्यक्षता में संयुक्त जांच दल बनाया गया है। टीम क्रेशरों और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बीच की दूरी, ब्लास्टिंग की स्थिति और संभावित प्रभाव का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्लांट की सुरक्षा को लेकर किस तरह के कदम उठाने की जरूरत है।
खनिज विभाग के मुताबिक, पहले मिली थी क्रेशर की लीज -
खनिज विभाग के अनुसार, गरेठा गांव के पास संचालित दोनों क्रेशरों की लीज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन आवंटित होने से पहले दी गई थी। इनमें से एक लीज ईसागढ़ निवासी और दूसरी शिवपुरी निवासी के नाम पर है।
इसी क्षेत्र में शिवपुरी निवासी पुष्पराज खटीक को चार हेक्टेयर में तीसरी क्रेशर लीज भी दी गई है। हालांकि, इसके शुरू होने में अभी पांच से छह महीने लगने की संभावना बताई गई है।
खनिज विभाग का कहना है कि गरेठा क्षेत्र में पहले से खदानें हैं और यहां अच्छी गुणवत्ता का खनिज उपलब्ध है। अब जल निगम की आपत्ति के बाद प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया शुरू की है।
101 में से 76 पानी की टंकियां तैयार -
योजना के तहत 233 गांवों में करीब 46 हजार परिवारों को पानी के कनेक्शन देने के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें 149 गांवों में जल निगम काम करा रहा है, जबकि शेष गांवों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की ओर से काम किया जा रहा है।
परियोजना में कुल 101 पानी की टंकियां बनाई जानी हैं। इनमें से 76 टंकियां तैयार हो चुकी हैं, जबकि बाकी का निर्माण जारी है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की टेस्टिंग के बाद इसे जनवरी-फरवरी से शुरू करने की बात कही गई है।
जरूरत पड़ी तो तीसरी एजेंसी से भी जांच -
शिवपुरी के खनिज अधिकारी रामसिंह उइके ने बताया कि गरेठा में पुरानी खदानें हैं और आसपास खनिज की उपलब्धता है। जल निगम की आपत्ति पर एसडीएम के नेतृत्व में जांच दल बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर तीसरी एजेंसी से भी जांच कराई जाएगी।
वहीं, जल जीवन मिशन के जीएम अनंत शर्मा के अनुसार, ब्लास्टिंग से भविष्य में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को कंपन के कारण नुकसान न पहुंचे, इसी आशंका के चलते प्रशासन को जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि ब्लास्टिंग प्लांट से कुछ दूरी पर कराई जाए।
अब संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट से तय होगा कि मौजूदा क्रेशरों की ब्लास्टिंग से प्लांट को कोई जोखिम है या सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की जरूरत है।

