बीमारी के चलते बैठक में नहीं पहुंची सरोज तो अध्यक्ष ने सुमन को मेम्बर बनाकर किया कोरम पूरा, पार्षद का अध्यक्ष पर अनदेखी का आरोप

Shivpuri First
0


भाजपा पार्षद सरोज धाकड़ ने पीआईसी से दिया इस्तीफा, अध्यक्ष पर लगाया वार्ड की अनदेखी का आरोप

शिवपुरी नगर पालिका में बुधवार की शाम हुई पीआईसी की बैठक में बीमारी के चलते नहीं पहुंची वार्ड क्रमांक-12 की पार्षद सरोज धाकड़ को हटाने की प्रक्रिया पूर्ण किए बिना ही अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक-27 की पार्षद सुमन बाथम को चंद मिनटों में पीआईसी मेम्बर बना कर बैठक का कोरम पूरा कर पीआईसी की बैठक में अाए मुद्दों को हरी झंडी दे दी। अब यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी शिवपुरी नगरपालिका में आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। वार्ड 12 से दो बार की भाजपा पार्षद और पीआईसी मेम्बर सरोज धाकड़ ने पीआईसी सदस्य पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है।

.तो पीआईसी मेम्बर रहने का क्या औचित्य ? -

सरोज धाकड़ ने नईदुनिया से बात करते हुए बताया कि, उन्हें मंगलवार को पीआईसी का एजेंडा मिला था, परंतु उनकी आंख में तकलीफ थी और वह डाक्टर को दिखा कर भी आई थीं। ऐसे में बुधवार को आयोजित हुई पीआईसी की बैठक में वह नहीं जा पाईं। इस पर अध्यक्ष ने यह कहते हुए उन्हें हटा दिया कि कोरम पूरा करने के लिए सुमन राजू बाथम को पीआईसी मेंबर बना दिया है। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि, दीप्ती भानू दुबे कभी भी पीआईसी में नहीं आईं, उन्हें आज तक क्यों नहीं हटाया? उनका कहना था कि, जब हाईकोर्ट का मामला आया तो मैंने अध्यक्ष को अपना आधार कार्ड तक दिया था फिर भी उन्होंने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि यह अध्यक्ष पार्षदों द्वारा चुनी हुई नहीं है, बल्कि पार्षदों पर थोपी गई है। इसे सिर्फ अपने विकास से मतलब है, शहर, जनता, पार्षद और वार्डों से इसे कोई लेना-देना नहीं है। यह सिर्फ मौकापरस्त है, जरूरत होती है तो पार्षदों को साथ ले लेती है। सरोज धाकड़ ने स्पष्ट किया कि वह अब स्वेच्छा से पीआईसी सदस्य पद से इस्तीफा दे रही हैं, क्योंकि जब अपने ही वार्ड में काम नहीं करा पा रही तो ऐसे पद पर रहने का कोई औचित्य नहीं है। उनका सीधा आरोप है कि नपाध्यक्ष ने तीन साल तक सिर्फ आश्वासन दिया, लेकिन उनके वार्ड में एक ईंट तक नहीं लगवाई।

मुक्तिधाम की सड़क बनी इस्तीफे की वजह -

पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड की मुक्तिधाम जाने वाली सड़क पिछले दो साल से बदहाल है। दो साल पहले उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को बुलाकर सड़क का निरीक्षण भी कराया था, चार बार टेंडर लगवाए गए, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी। मेरे वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। मुक्तिधाम की सड़क खराब होने से वार्डवासी मुझे उल्टा-सीधा बोलते हैं, गालियां देते हैं। क्योंकि वोट मुझे दिया है तो जिम्मेदारी भी मेरी है। मैं अध्यक्ष की तरह जबरन थोपी गई नहीं हूं, मुझे अपने वार्ड की चिंता रहेगी," सरोज धाकड़ ने कहा। उन्होंने नपाध्यक्ष के कार्यकाल को फेल बताते हुए कहा कि वह इसे 10 में से 4 नंबर भी नहीं दे सकतीं। तीन साल से कहती रहीं, मैं डलवाऊंगी, रोड डलवाऊंगी, तीन साल निकल गए।

इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा का कहना है कि यह बैठकों में कभी भी नहीं आई हैं, ऐसे में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कल मुझे बैठक का कोरम पूरा करने की सदस्य की आवश्यकता थी, ताकि विकास कार्यों पर मोहर लग सके, इसलिए ऐसा करना पड़ा, क्योंकि शहर की जनता जबाव मुझसे मांगती है। हमेशा मुझसे कहा जाता है मैं विकास कार्य नहीं करवा रही। रही बात दीप्ती की तो वह नहीं आएगी तो उसे भी हटाया जाएगा। 


Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)