कांग्रेस ने नपा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की:स्वदेशी मेला को निशुल्क जमीन, 22 लाख राजस्व नुकसान

Nikk Pandit
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शिवपुरी के गांधी पार्क मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला को लेकर कांग्रेस ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई।

कांग्रेस का आरोप है कि नगर पालिका परिषद ने पूर्व में गांधी पार्क मैदान की भूमि 75 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से किराए पर देने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, परिषद के इस निर्णय की अनदेखी करते हुए स्वदेशी मेला को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई। इससे नगर पालिका को लगभग 22 लाख रुपए के राजस्व नुकसान का अनुमान है।

आरोप- निशुल्क के बावजूद रुपए वसूले गए

नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा ने बताया कि मेला आयोजकों को 1100 वर्गफीट भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन उन्होंने लगभग दोगुनी भूमि पर मेला लगाकर नियमों का उल्लंघन किया।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि निशुल्क भूमि मिलने के बावजूद आयोजकों ने दुकानदारों से 10 से 15 हजार रुपए तक वसूले। इसके अतिरिक्त, झूला संचालकों से लगभग 1 लाख रुपए लिए गए और वाहन पार्किंग के नाम पर भी जनता से शुल्क लिया जा रहा है।

विधायक पुत्र को राजनीतिक लाभ

कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि नगर पालिका की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में तय किराया न वसूलकर भूमि को निशुल्क देना नगर पालिका के हितों के विरुद्ध है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मेले में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन के पुत्र सक्षम जैन को संयोजक बनाकर राजनीतिक लाभ लिया जा रहा है और विधायक के दबाव में नगर पालिका ने नियमविरुद्ध निर्णय लिया। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि इसी अवधि में एक अन्य पक्ष 11 लाख रुपए किराया देने को तैयार था, लेकिन उसका प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया।

नपाध्यक्ष ने राशि वसूली की जांच कराने को कहा ज्ञापन सौंपते समय नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे। वहीं, इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि यह मेला स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित किया गया है और स्वदेशी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका ने भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई थी।

उन्होंने कहा कि यदि मेला प्रबंधन द्वारा दुकानदारों, झूला संचालकों और पार्किंग के नाम पर वसूली की गई है, तो उसकी जांच कर वसूली गई राशि का कुछ हिस्सा नगर पालिका में जमा कराया जाएगा।
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