कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि सुप्रीम कोर्ट और शासन के निर्देशों के अनुसार, सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्थाओं की सराय अधिनियम के तहत जांच और पंजीकरण कराने की मांग की गई।
संगठन ने सभी धार्मिक स्थलों की सूची बनाकर उनका पंजीकरण कराने तथा बाहर से आने-जाने वाले लोगों का पूरा विवरण थाने में दर्ज रखने की भी मांग की। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में प्रशासन के पास आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो
ज्ञापन में मुख्य बाजार में संचालित मीट-मांस की दुकानों को नगर से बाहर स्थानांतरित करने और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई। संगठन ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर विहिप अध्यक्ष भास्कर झा, सह-संयोजक सुनील राजौरिया, उपाध्यक्ष राघवेंद्र वंसल, विवेक जैमिनी, सह मंत्री अजमेर चंदेल, बलोपासना प्रमुख धर्मेंद्र राठौर, सतेन्द्र रावत, सौरव जैन, छोटू रावत, रामेश्वर रावत, सह-संयोजक अजय कुशवाह, रामकुमार, जीतू, विक्की, मनीष, जगदम्बा गुप्ता सहित दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।