शिवपुरी कलेक्ट्रेट में फरियादियों की भीड़,PM आवास में रिश्वत, पंचायतों में घोटाले और जमीन विवादःसचिवों पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप

Nikk Pandit
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शिवपुरी। कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं अफसरों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार, प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वतखोरी, पट्टा भूमि विवाद और वर्षों पुराने अवैध कब्जों जैसे गंभीर मामले सामने आए।

नरवर तहसील के ग्राम पुल्हा निवासी छोटू बघेल सहित अन्य ग्रामीणों ने शिकायत की कि ग्राम पंचायत सीहोर के पूर्व सचिव राजबहादुर सिंह रावत ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर स्वीकृत कराने के नाम पर उनसे 15 हजार रुपये की रिश्वत ली। आरोप है कि न तो अब तक आवास स्वीकृत हुआ और न ही ली गई राशि लौटाई गई। ग्रामीणों ने सचिव पर गाली-गलौज और धमकाने का भी आरोप लगाते हुए राशि वापसी और सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्राम पंचायत सुनारी में निर्माण कार्यों में घोटाले के आरोप

जनपद पंचायत नरवर की ग्राम पंचायत सुनारी में पदस्थ सचिव के खिलाफ भी जनसुनवाई में गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ताओं ने सीसी रोड निर्माण में फर्जी फाइलें बनाने, पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग, मुख्यमंत्री कार्यक्रम के नाम पर फर्जी वाहन और भोजन बिल लगाने तथा सफाई कार्य में फर्जी वाउचरों के जरिए राशि निकालने का आरोप लगाया। फरियादियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पट्टाधारी को वन विभाग ने बताया अतिक्रमणकारी

रन्नौद तहसील के ग्राम डुमैला निवासी मारूति शरण नामदेव ने शिकायत में बताया कि उन्हें सर्वे नंबर 17, 18 और 22 की शासकीय भूमि का विधिवत पट्टा मिला था और वे वर्षों से उस पर काबिज थे। वर्ष 2012-13 में वन विभाग ने भूमि को अपनी बताते हुए उन्हें बेदखल कर दिया। हाल ही में हुए संयुक्त सीमांकन में भूमि दोनों विभागों के नक्शों में दर्ज पाई गई, जिसके बाद राजस्व विभाग ने जमीन वन विभाग को सौंप दी। फरियादी ने पुनः कब्जा दिलाने या वैकल्पिक पट्टा दिए जाने की मांग रखी।

35 साल से बसे परिवारों पर बेदखली का खतरा

करैरा तहसील के ग्राम दिनारा क्षेत्र से आए 3-4 परिवारों ने बताया कि वे सर्वे नंबर 2438 की शासकीय भूमि पर पिछले करीब 35 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं। आरोप है कि पास की भूमि सर्वे नंबर 3437 के मालिक द्वारा प्लॉटिंग कर उन्हें हटाने का प्रयास किया जा रहा है। फरियादियों ने बताया कि उनके पास आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली कनेक्शन और शौचालय जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी बेदखली की आशंका बनी हुई है। उन्होंने स्थायी पट्टा और जानमाल की सुरक्षा की मांग की।

जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
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