यह संकट 6 फरवरी को जियो मोबाइल कंपनी द्वारा केबल लाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान खड़ा हुआ। मड़ीखेड़ा बांध के पास मुख्य पाइपलाइन टूट गई थी। कंपनी ने अपने खर्च पर पाइपलाइन बदलने का प्रस्ताव दिया था। नगर पालिका ने दावा किया था कि 2 दिन में (8 फरवरी तक) सप्लाई बहाल हो जाएगी, लेकिन 12 फरवरी तक भी नलों में पानी नहीं आया। शहर में अभी टैंकरों से काम चलाया जा रहा है।
मजदूरी छोड़ पानी भरने को मजबूर
पानी की किल्लत के चलते फिजिकल क्षेत्र स्थित पीएचई (PHE) कार्यालय के पास सरकारी बोरवेल पर सुबह से देर रात तक लंबी कतारें लगी हैं। लोग कार, बाइक, स्कूटी और हाथ ठेला से पानी ढो रहे हैं। आकाश शाक्य ने बताया कि वे पिछले 8 दिनों से मजदूरी पर नहीं जा पाए हैं, क्योंकि पानी भरना उनकी प्राथमिकता है। लाइब्रेरी संचालक शुभम राठौर को काली माता मंदिर क्षेत्र से पानी लाना पड़ रहा है। फॉरेस्ट कर्मचारी जय नारायण श्रीवास्तव भी 3 दिन से ड्यूटी छोड़कर पानी भर रहे हैं। वार्ड 19 निवासी मनोज खटीक ने बताया कि उनके क्षेत्र में सप्लाई पूरी तरह बंद है।
CMO बोले- मोटरें जल गई थीं, अब सुधरीं
सप्लाई में देरी पर सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया कि पाइपलाइन तो जोड़ दी गई थी, लेकिन इसके बाद फिल्टर प्लांट और इंटेकवेल पर लगी मोटरें खराब हो गई थीं। इस कारण सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। अब मोटरों को दुरुस्त कर लिया गया है और आज से पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।