रात भर हुई बारिश, गिरे ओले, खेतों में बिछ गई गई फसल, झड़े सरसों के दाने-सिलानगर में आकाशीय गाज की चपेट में आने से जली झोंपड़ी हुई किसान की मौत

Nikk Pandit
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फोटो-करैरा के गांवों में बारिश और हवा के कारण खेतों में बिछी गेहूं की फसल
फोटो-खेत में कटी रखी सरसों की फसल भीगी
फोटो-सिलानगर में जली झोंपड़ी, जिसमें फंसने से हुई किसान की मौत

सागर शर्मा शिवपुरी/करैरा।शनिवार रविवार की दरम्यानी रात अचानक मौसम बिगड़ने के कारण जिले भर में मूसलाधार बारिश हुई। कई स्थानों पर चने के आकार के ओले गिरने की बात भी कही जा रही है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में किसानों की फसल जमीन पर बिछ गई। वहीं खेतों में कटी रखी सरसों की फसल अथवा खेतों में खड़ी पकी हुई सरसों के दाने भी बारिश और ओलों की चपेट में आने के कारण झड़ गए। किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश और बीती रात हुई बारिश के कारण उन्हें सरसों की फसल में करीब पचास प्रतिशत का नुकसान हो गया है। करैरा क्षेत्र के ग्राम समोहा, टौरिया, चिरली, नंदपुर, बगेदरी, मछावली, मुंगावली, टोड़ा, करैरा, चौका आदि गांवों में तेज बारिश और हवाओं के चलते गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है। 

अधिकारी बोले, नुकसान नहीं वरदान

इस संबंध में कृषि विभाग के उपसंचालक पान सिंह करोरिया का कहना है कि बारिश और हवा के कारण खेतोें में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बिछ गई है, परंतु इस बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान नहीं है। यह बारिश गेहूं के लिए वरदान है। कुछ दिन में धूप खिलने के बाद फसल वापस खेतों में खड़ी हो जाएगी। इससे उत्पादन पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सरसों की फसल में बहुत अधिक नुकसान नहीं है, क्योंकि जहां खेतों में सरसों की फसल कटी रखी है, वहां भी दाना बहुत अधिक झड़ा नहीं है। यह बात जरूर है कि फसल गीली हो गई है, जो धूप निकलने पर सूख जाएगी। 

किसानो बाेले, फसल में लगने लगी फफूंद

किसानों का कहना है कि सरसों की कटी हुई और खड़ी फसल में रात में हुई बारिश से नुकसान हुआ है। महिला किसान कुसुम के अनुसार खेत में कटी रखी फसल के दाने झड़ गए हैं, जिससे काफी नुकसार हुआ है। इसके अलावा पिछले दिनों हुई बारिश के बाद धूप नहीं निकलने के कारण भीगी हुई फसल में फफूंद लगना और काली पड़ना शुरू हो गई है। ऐसे में बारिश के कारण दाने की क्वालिटी कमजोर हुई है।

खेत में बनी झोंपड़ी पर गिरी आकाशीय गाज, जलने से किसान की मौत

अमोला थानांतर्गत ग्राम सिलानगर में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात एक खेत में बनी झोंपड़ी पर आकाशीय गाज गिरने से झोंपड़ी में आग लग गई। इस हादसे में झोंपड़ी के अंदर सो रहे किसान की जलकर मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम सिलानगर निवासी वीर सिंह पुत्र रामप्रसाद आदिवासी उम्र 25 साल गांवमें बटाई से खेती करता है। रात में खेत पर फसल की रखवाली के लिए रूका था। इसी दौरान तेज आधी, बारिश आदि से बचने के लिए वह खेत में बनी झोंपड़ी के अंदर जाकर सो गया। इसी दौरान आसमान से गिरी बिजली उसकी झोंपड़ी पर ही आ गिरी, जिससे झोंपड़ी में आग लग गई। बताया जा रहा है कि किसान झोंपड़ी में लगी आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जलने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव बरामद कर पीएम करवा कर मर्ग कायम कर लिया है।
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