रंजीत पुत्र बृजमोहन धानुक पोहरी किले के अंदर रहता था। वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक बालक कान्हा के साथ बस स्टैंड के पास बने तालाब में नहाने गया था। प्रत्यक्षदर्शी बालक के अनुसार, रंजीत ने तालाब पार करने का प्रयास किया, लेकिन आधे रास्ते में वह गहरे पानी में डूबने लगा और कुछ देर बाद लापता हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया, जिसने लगातार तीन दिन तक तलाश अभियान चलाया। हालांकि, शनिवार तक शव का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद नगर परिषद ने तालाब से पानी निकालने के लिए पंप लगाए।
शव बरामद न होने से नाराज स्वजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को पोहरी बस स्टैंड पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। करीब एक घंटे तक चले इस जाम को अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया।
रविवार सुबह जलस्तर कम होने पर शव स्वतः ऊपर आ गया। पोहरी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।