सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करेरा कस्बे में बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। EOW ग्वालियर की टीम ने सोमवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच ट्रैप कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में संबंधित जेई को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
EOW इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह के मुताबिक दौनी गांव निवासी प्रताप सिंह रावत ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता द्वारा गांव में दो बिजली ट्रांसफार्मर लगवाए गए थे। इन ट्रांसफार्मरों के बिजली कनेक्शन के लिए जेई सुरजीत मिश्रा ने पहले ही 44 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन इसके बावजूद कनेक्शन नहीं किया गया।
फिर मांगी गई रिश्वत
शिकायतकर्ता के अनुसार, पैसे लेने के बाद भी काम नहीं हुआ और जेई ने दोबारा 30 हजार रुपए की मांग कर दी। इसके बाद प्रताप सिंह रावत ने EOW ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत के बाद EOW ने बातचीत रिकॉर्ड की, जिसमें कनेक्शन के नाम पर 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की बात सामने आई।
जाल बिछाकर की गई ट्रैप कार्रवाई
सोमवार को EOW की टीम ने करेरा स्थित बिजली कार्यालय में जाल बिछाया। इस दौरान जेई सुरजीत मिश्रा ने फोन पर कंप्यूटर ऑपरेटर प्रवीण कुशवाह को रिश्वत की रकम लेने के लिए कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपए ऑपरेटर को दिए, EOW टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
EOW ने इस मामले में जेई सुरजीत मिश्रा को मुख्य आरोपी और ऑपरेटर प्रवीण कुशवाह को सह-आरोपी बनाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब पहले ही 44 हजार रुपए लिए जा चुके थे तो फिर दोबारा रिश्वत क्यों मांगी गई? क्या विभाग के अन्य अधिकारी भी इस खेल से अनजान थे या फिर यह पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर EOW की कार्रवाई नहीं होती तो शायद यह रिश्वतखोरी का खेल यूं ही चलता रहता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। 🚨