मनुस्मृति जलाने पर FIR नहीं, तो सवर्ण समाज का गुस्सा फूटा: शिवपुरी SP ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे एडवोकेट अनिल मिश्रा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में मनुस्मृति जलाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से सवर्ण समाज में आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार को राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खनियाधाना में मनुस्मृति जलाने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

प्रदर्शनकारी पहले तात्या टोपे पार्क में एकत्रित हुए, जहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम दिनेश शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सभी लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एडिशनल एसपी संजीव मुले को भी ज्ञापन दिया।

SP ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे

जब प्रदर्शनकारियों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो ग्वालियर के एडवोकेट अनिल मिश्रा और सवर्ण समाज के सदस्य एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक चले इस धरने के बाद एडिशनल एसपी संजीव मुले ने 10 दिन के भीतर मामले में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।

अनिल मिश्रा ने प्रशासन पर उठाए सवाल

एडवोकेट अनिल मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खनियाधाना में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मनुस्मृति जलाई गई थी, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू धर्म और धार्मिक ग्रंथों को निशाना बनाकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

नरवर मामले को लेकर भी उठाई आवाज

मिश्रा ने नरवर में यूजीसी के विरोध में हुए भारत बंद के दौरान सवर्ण समाज के युवकों पर दर्ज एफआईआर का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि जिन युवकों पर मामला दर्ज किया गया, उनमें से कुछ घटना के समय अहमदाबाद में मौजूद थे, इसके बावजूद बिना जांच के उन पर केस दर्ज कर दिया गया।

“सवर्ण समाज को दबाने की कोशिश”

एडवोकेट मिश्रा ने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल कर सवर्ण समाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो सवर्ण समाज न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
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