सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गरीबों को दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उज्जैन से घुन लगा गेहूं और सतना-कटनी से गुठलेदार चावल शिवपुरी भेजा गया है। गेहूं-चावल और उसके परिवहन पर करीब 22 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद अनाज अमानक पाया गया है।
जानकारी के अनुसार, 10 दिन पहले उज्जैन से आया गेहूं और 18 दिन पहले सतना से आई 24,840 क्विंटल चावल की रैक में गड़बड़ी सामने आई। सैंपल जांच में चावल में गुठले और गेहूं में घुन मिलने के बाद रैक को बीआरएल कर जांच कराई गई।
उज्जैन से आई 26,730 क्विंटल गेहूं की खेप में भी घुन, कंकड़ और अशुद्धियां मिलीं। जिले के मुहारीकलां और जुंगीपुर गोदामों में इस अमानक राशन को अलग रख दिया गया है।
पुराना स्टॉक भी सड़ रहा
कटनी से अप्रैल 2020 में आया 10,260 क्विंटल चावल पहले ही अमानक घोषित हो चुका था, लेकिन आज तक गोदामों में पड़ा है। मिल मालिक इसे वापस नहीं ले गए, जिससे यह और खराब हो गया है।
व्यवस्था पर गंभीर सवाल
खाद्यान्न के परिवहन पर प्रति रैक 50 लाख रुपए से अधिक खर्च किए गए, जिसमें ट्रक, रेलवे और गोदाम तक अलग-अलग खर्च शामिल हैं। इसके बावजूद खराब अनाज सप्लाई होने से पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विधायक कैलाश कुशवाहा ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कही है।
जांच जारी
मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी अनुराग वर्मा के अनुसार, शिवपुरी में भेजे गए अमानक चावल-गेहूं की जांच में प्रारंभिक गड़बड़ी सामने आई है। जिम्मेदारों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।